न्यूजीलैंड में सिख नगर कीर्तन का फिर विरोध, ‘यह भारत नहीं है’ के नारे – SGPC ने जताई चिंता

न्यूजीलैंड में सिख नगर कीर्तन का फिर विरोध हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने ‘यह भारत नहीं है’ के नारे लगाए। SGPC ने घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की।

ऑकलैंड/टौरंगा। न्यूज़ीलैंड में सिख समुदाय द्वारा आयोजित धार्मिक नगर कीर्तन को लेकर एक बार फिर विरोध का मामला सामने आया है। बीते तीन हफ्तों में दूसरी बार स्थानीय दक्षिणपंथी समूह ने गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के अवसर पर निकाले गए वार्षिक नगर कीर्तन में व्यवधान डालने की कोशिश की, जिससे सिख संगठनों में नाराज़गी और चिंता देखी जा रही है।

ताजा घटना ऑकलैंड से लगभग 225 किलोमीटर दूर टौरंगा शहर की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार 11 जनवरी को सुबह 11 बजे नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिख संगत मंदिर से शुरू होकर कैमरन रोड होते हुए टौरंगा बॉयज़ कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। संभावित विरोध को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे।

इसके बावजूद, पेंटेकोस्टल ईसाई नेता ब्रायन तमाकी और उनके डेस्टिनी चर्च से जुड़े समर्थकों ने जुलूस के सामने पारंपरिक माओरी हाका नृत्य कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर थे, जिन पर लिखा था- “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं।” हालांकि पुलिस और स्वयंसेवकों की सतर्कता के चलते नगर कीर्तन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया और कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।

ब्रायन तमाकी ने इस विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “किसकी सड़कें? कीवी सड़कें। सच्चे देशभक्त पीछे नहीं हटेंगे।” वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय सिख समुदाय में नाराज़गी और असंतोष बढ़ गया है।

SGPC ने कड़ी निंदा की

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन सिख धर्म की पवित्र और शांतिपूर्ण परंपरा है और इसका विरोध सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऑकलैंड में भी इसी तरह सिख जुलूस का विरोध हो चुका है।

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