
New Delhi News-पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। Rajnath Singh की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG) का गठन किया गया है, जो मिडिल ईस्ट संकट से जुड़े सभी संभावित प्रभावों पर नजर रखेगा।
किन-किन मंत्रियों को किया गया शामिल?
इस विशेष ग्रुप में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल किए गए हैं:
* Amit Shah (गृह मंत्री)
* Nirmala Sitharaman (वित्त मंत्री)
* Hardeep Singh Puri (पेट्रोलियम मंत्री)
यह टीम मिलकर ऊर्जा सुरक्षा, तेल-गैस आपूर्ति और देश की आर्थिक स्थिरता पर लगातार निगरानी रखेगी।
जनता को राहत: टैक्स में कटौती
सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है:
पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹3 प्रति लीटर
* डीजल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य
* डीजल निर्यात पर लाभ कर और जेट फ्यूल पर टैक्स में भी संशोधन
इससे ईंधन की कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश की गई है।
लॉकडाउन की अफवाहों पर रोक
सरकार ने साफ किया है कि देश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।
कई मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य जीवन जारी रखें।
क्यों जरूरी था यह कदम?
India अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है:
* लगभग 88% कच्चा तेल आयात
* प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा भी विदेशों से आता है
* इसका बड़ा भाग Strait of Hormuz के रास्ते आता है
इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
क्या रहेगा ग्रुप का फोकस?
* तेल और गैस सप्लाई पर नजर
* कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना
* पैनिक बाइंग रोकना
* आर्थिक स्थिरता बनाए रखना
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार का यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप लगातार हालात की समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेगा।
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