NCR Literary Festival 2026 : एनसीआर लिटरेरी फेस्टिवल 2026 सफलतापूर्वक सम्पन्न, साहित्य में सरोकार और क्षेत्रीयता पर जोर

NCR Literary Festival 2026 : एनसीआर लिटरेरी फेस्टिवल 2026 गाजियाबाद में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में ममता कालिया और दिविक रमेश सहित कई साहित्यकारों ने साहित्य, संस्कृति और क्षेत्रीयता पर अपने विचार रखे।

NCR Literary Festival 2026 : गाजियाबाद में आयोजित “एनसीआर लिटरेरी फेस्टिवल 2026” के अंतर्गत “एक दशकीय काव्य यात्रा पर्व” सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। पेड़ों की छांव तले फाउंडेशन के तत्वावधान में शंभू दयाल डिग्री कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के साहित्यकारों, कवियों और रचनाकारों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल प्रख्यात लेखिका ममता कालिया ने साहित्य सृजन में सरोकारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लेखक की अनुभूतियाँ ही सृजन का मूल आधार होती हैं, जबकि भाषा उसके प्रभाव को विस्तार देती है। उन्होंने लेखन में क्षेत्रीयता के समावेश को भी आवश्यक बताया, जिससे लेखक को विशिष्ट पहचान मिलती है और भाषाई संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। साथ ही उन्होंने लेखकों को संस्मरण लेखन पर ध्यान देने की सलाह दी।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित साहित्य अकादमी सम्मानित बाल साहित्यकार एवं कवि दिविक रमेश ने प्राकृतिक वातावरण में आयोजित साहित्यिक गोष्ठियों की सराहना की। उन्होंने संस्था द्वारा पिछले दस वर्षों से आयोजित “बाल रचना पाठ एवं लेखन प्रतियोगिता” को बच्चों में साहित्यिक रुचि बढ़ाने की एक प्रेरणादायक पहल बताया।

तीन सत्रों में आयोजित इस फेस्टिवल की थीम “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हिन्दी भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति एवं मीडिया की वर्तमान स्थिति एवं चुनौतियाँ” रही। साहित्यिक विमर्श सत्र में डॉ. महेश दिवाकर, वीरेंद्र सिंह आस्तिक, कमलेश भट्ट कमल और अशोक मिश्र सहित कई साहित्यकारों ने अपने विचार साझा किए।

पुस्तक विमोचन सत्र में “एक दशकीय कविता विमर्श”, “साझा संसार” तथा “नोट की मौत एवं अस्पताल” सहित कई पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही साहित्यिक पत्रिका “बुलंद प्रभा” के विशेषांक का भी विमोचन हुआ।

अंतिम सत्र में आयोजित काव्य पाठ में दो दर्जन से अधिक कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्यकारों, पत्रकारों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। इस अवसर पर 40 से अधिक प्रतिभागियों को “साहित्यिक सरोकार स्मृति चिन्ह” देकर सम्मानित किया गया।

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