
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक हैरान कर देने वाली और भावनात्मक कहानी सामने आई है, जहां 28 साल पहले लापता माने गए बुजुर्ग शरीफ़ अचानक अपने घर लौट आए। परिवार के लिए जो शख्स सालों पहले ‘कागज़ों में मृत’ हो चुका था, वह अब सरकारी प्रक्रिया (SIR) के चलते दोबारा पहचान के साथ सामने आया है।
परिजनों के मुताबिक, शरीफ़ करीब 28 साल पहले रोज़गार की तलाश में घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद उनका अपने पैतृक घर से संपर्क पूरी तरह टूट गया। लंबे इंतज़ार और तमाम कोशिशों के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार ने उन्हें लापता मान लिया। समय के साथ सरकारी रिकॉर्ड में भी उनका नाम निष्क्रिय हो गया।
हाल ही में जब सरकारी डॉक्यूमेंटेशन की आवश्यकता पड़ी, तो शरीफ़ को अपनी पहचान साबित करने और कागज़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए घर लौटना पड़ा। इसी प्रक्रिया के तहत SIR के माध्यम से उनकी पहचान दोबारा स्थापित हुई, जिससे वे सरकारी रिकॉर्ड में एक बार फिर ‘ज़िंदा’ घोषित किए गए।
शरीफ़ की अचानक वापसी से परिवार की आंखें नम हो गईं। रिश्तेदारों और गांव वालों की भीड़ उनके घर जुट गई। कई लोग इस पल को किस्मत और व्यवस्था के अजीब संयोग के रूप में देख रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला उन हजारों लोगों की कहानी बयां करता है, जो वर्षों तक सिस्टम से बाहर हो जाते हैं और कागज़ों में उनका अस्तित्व खत्म हो जाता है। शरीफ़ की वापसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकारी पहचान और दस्तावेज़ कितने अहम हैं।



