
T20 World Cup: हरियाणा के रोहतक जिले के गांव घिलौड़ के रहने वाले युवा क्रिकेटर मयंक चौधरी ने अपनी मेहनत और जुनून के दम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ी पहचान बना ली है। मयंक का चयन यूएई की अंतर्राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट टीम में हुआ है और वह भारत व श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में 10 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरते नजर आएंगे।
इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। मयंक का दो बार हरियाणा रणजी टीम के कैंप में चयन हुआ, लेकिन वह फाइनल टीम में जगह बनाने से चूक गए। लगातार मिल रही निराशा के बाद परिवार ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर नौकरी या बिजनेस करने की सलाह भी दी, मगर मयंक का जुनून कम नहीं हुआ। उन्होंने परिवार से थोड़ा वक्त मांगा और खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी।
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क्रिकेट की बारीकियां सीखने के लिए मयंक ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता और कोच योगराज सिंह से भी ट्रेनिंग ली। उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें यूएई की राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई। अब वह विश्व कप में ग्रुप डी के मुकाबलों में न्यूजीलैंड, कनाडा, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ खेलते नजर आएंगे।
मयंक की इस उपलब्धि से उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। उनकी मां राजेश देवी ने कहा कि बेटे ने सालों तक कठिन मेहनत की है और आज उसकी मेहनत का फल पूरे परिवार को मिला है। हरियाणा के स्कूल स्तर के क्रिकेटर से लेकर यूएई नेशनल टीम तक पहुंचने की यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो मुश्किल हालातों में भी अपने सपनों को जिंदा रखते हैं। अब सबकी नजरें वर्ल्ड कप में मयंक के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
Written By: Kalpana Pandey



