
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार और Bharatiya Janata Party पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य की राजनीति में लगातार दखल देने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर बंगाल की राजनीति को कमजोर करने की कोशिश की गई तो इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है और दिल्ली की सरकार भी मुश्किल में आ सकती है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य की संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजभवन को एक राजनीतिक केंद्र की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव से पहले बाहरी लोगों को राज्य में भेजा जा रहा है, जो राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की जनता हमेशा से अपने अधिकारों के लिए लड़ती आई है और किसी भी दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है। ममता के मुताबिक, राज्य को राजनीतिक रूप से कमजोर करने या विभाजन की राजनीति करने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग लोकतांत्रिक मूल्यों को समझते हैं और समय आने पर सही जवाब देंगे।
इसी बीच राज्य की राजनीति में उस समय हलचल और तेज हो गई जब C. V. Ananda Bose के इस्तीफे की खबर सामने आई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह फैसला केंद्र के दबाव में लिया गया है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का नाम लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले इस तरह के फैसले राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि बोस का कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ था और वह नवंबर 2027 तक इस पद पर बने रह सकते थे। ऐसे में उनके अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच यह भी चर्चा है कि R. N. Ravi को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है। पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और चुनाव से पहले माहौल और भी गर्म होता दिखाई दे रहा है।
Written By: Kalpana Pandey



