
Bollywood Gossip: प्रियंका चोपड़ा आज ग्लोबल स्टार हैं, लेकिन उनकी इस चमकदार सफलता के पीछे परिवार की कई ऐसी कहानियां हैं, जो कम ही सामने आती हैं। हाल ही में प्रियंका की मां मधु चोपड़ा ने खुलकर बताया कि बेटी की तेजी से बढ़ती स्टारडम ने उनके परिवार को किस तरह बदल दिया और इसका सबसे ज्यादा असर उनके बेटे सिद्धार्थ चोपड़ा पर पड़ा।
मधु चोपड़ा ने बताया कि जब प्रियंका ने मिस वर्ल्ड जीतने के बाद फिल्मों की दुनिया में कदम रखा, तो वह खुद इस फैसले को लेकर बहुत असमंजस में थीं। पढ़ाई में तेज प्रियंका एक्टिंग में आना नहीं चाहती थीं। मधु के मुताबिक, पहली फिल्म ‘तमिलन’ के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करते वक्त प्रियंका रो पड़ी थीं। वह एक नई और अनजान दुनिया में जाने से डर रही थीं।
धीरे-धीरे प्रियंका का करियर रफ्तार पकड़ता गया और मधु उनके साथ शूटिंग और प्रोफेशनल कमिटमेंट्स में व्यस्त रहने लगीं। वहीं प्रियंका के पिता डॉ. अशोक चोपड़ा अपने मेडिकल प्रोफेशन में व्यस्त थे। ऐसे में घर पर रह गए सिद्धार्थ, जो अपने टीनएज के सालों में काफी हद तक अकेले पड़ गए।
मधु चोपड़ा इस बात को आज भी याद करके भावुक हो जाती हैं। उनका कहना है कि प्रियंका की कामयाबी के बीच सिद्धार्थ कहीं न कहीं “कोलैटरल डैमेज” बन गए। यानी बेटी की उड़ान में बेटे का बचपन और भावनात्मक सहारा पीछे छूट गया। उन्होंने माना कि उस वक्त सिद्धार्थ को जिस तरह की गाइडेंस और मौजूदगी चाहिए थी, वो उन्हें नहीं मिल पाई।
मधु बताती हैं कि सिद्धार्थ की जिंदगी में आज भी वह संघर्ष देखती हैं। भले ही उनकी शादी 2024 में हो चुकी है, लेकिन एक मां होने के नाते उन्हें लगता है कि बेटा अंदर से अब भी बहुत कुछ झेल रहा है। मधु कहती हैं कि वह रोज भगवान का शुक्रिया अदा करने और छोटी-छोटी खुशियों को गिनने की सीख अपने बेटे को देती रहती हैं।
बात करें प्रियंका और सिद्धार्थ की आदतों की, तो मधु ने दोनों के स्वभाव में फर्क भी बताया। प्रियंका बेहद डिसिप्लिन्ड हैं। काम के चलते वह कई बार सुबह 4 बजे तक उठ जाती हैं। खुद मधु भी सुबह 5:30 बजे उठने वाली इंसान हैं। वहीं सिद्धार्थ थोड़ा लेट उठते हैं, लेकिन फिर भी अपनी दिनचर्या संभालते हैं।
मधु चोपड़ा का यह बयान सिर्फ एक स्टार की मां की बात नहीं है, बल्कि हर उस परिवार की कहानी है जहां करियर की दौड़ में रिश्तों पर असर पड़ जाता है। उन्होंने बिना किसी शिकायत के सच स्वीकार किया कि शोहरत के साथ कुछ कीमतें भी चुकानी पड़ती हैं, और कभी-कभी उसका बोझ घर के किसी एक सदस्य पर ज्यादा पड़ जाता है।
यह कहानी सिर्फ प्रियंका चोपड़ा की नहीं, बल्कि उन अनदेखे पलों की है जो कैमरों के पीछे छूट जाते हैं।



