
नई दिल्ली। भारत के लोकपाल ने झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही लोकपाल ने शिकायतकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर के खिलाफ मानहानि और गोपनीयता भंग के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने की दुबे को अनुमति दे दी है।
134 पन्नों के आदेश में आरोप ‘निराधार’ करार
13 जनवरी 2026 को जारी 134 पृष्ठों के विस्तृत आदेश में जस्टिस ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली लोकपाल बेंच ने कहा कि सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार, तुच्छ और परेशान करने वाले हैं।
लोकपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायत का मुख्य फोकस सांसद के बजाय उनकी पत्नी पर था, जबकि वह लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में लोक सेवक नहीं हैं।
चुनावी हलफनामों के आधार पर दर्ज की गई थी शिकायत
अमिताभ ठाकुर की शिकायत 2009 से 2024 के बीच दाखिल निशिकांत दुबे के चुनावी हलफनामों पर आधारित थी। इसमें दावा किया गया था कि दुबे की पत्नी की संपत्ति में बिना किसी स्पष्ट स्रोत के भारी बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, लोकपाल को जांच के दौरान निशिकांत दुबे के खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला और सांसद की घोषित संपत्ति में केवल मामूली वृद्धि पाई गई।
शिकायतकर्ता की कार्यप्रणाली पर लोकपाल की सख्त टिप्पणी
लोकपाल ने अपने आदेश में अमिताभ ठाकुर की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि सार्वजनिक डोमेन की जानकारी के आधार पर बिना सत्यापन के आरोप लगाए, स्पष्ट राजनीतिक या व्यक्तिगत दुर्भावना से शिकायत को आगे बढ़ाया, सोशल मीडिया पर शिकायत सार्वजनिक कर गोपनीयता का उल्लंघन किया।
हालांकि, लोकपाल नियमों के उल्लंघन को लेकर जारी कारण बताओ नोटिस को खारिज कर दिया गया।
दुबे को मानहानि की कार्रवाई की छूट
लोकपाल ने यह साफ किया कि इस मामले में लोक सेवकों की प्रतिष्ठा और ईमानदारी की रक्षा आवश्यक है। शिकायतकर्ता का अड़ियल रवैया और संस्था पर पक्षपात के आरोप अस्वीकार्य हैं। इसी आधार पर लोकपाल ने निशिकांत दुबे को अमिताभ ठाकुर के खिलाफ मानहानि और गोपनीयता भंग के लिए कानूनी कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी है।
निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “मुझे चुप नहीं कराया जा सकता। आज माननीय लोकपाल ने मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों को खारिज कर दिया है। इन झूठे आरोपों के जरिए मेरे परिवार की इज्जत खराब की गई, जिसके लिए अब मैं न्यायपालिका या संसद में उचित कार्रवाई करूंगा। सत्यमेव जयते।”
राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज
इससे पहले कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने लोकपाल में लंबित शिकायत का हवाला देते हुए निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति में कथित बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए थे। लोकपाल के फैसले के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।



