
Sonbhadra: सोनभद्र जनपद में औद्योगिक इकाइयों एनटीपीसी, अनपरा व ओबरा तापीय परियोजनाओं द्वारा प्रदूषण फैलाना कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब इसमें राइस मिलें भी शामिल हो गई हैं। जिसके विरोध में सोमवार को लसड़ा ग्राम पंचायत सहित आसपास के ग्रामीणों द्वारा लगातार चिमनियों से राख गांवों में गिराए जाने के विरोध में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने स्टेट हाईवे कलवारी-खलियारी मार्ग पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि इन राइस मिलों से निकल रहे कचरे की डंपिंग व राख से आमजन और उनके परिजनों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है तथा किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं। इन राइस मिलों से निकल रही राख के कारण पाली, बिजौली, हरहुआ, अमौली, लसड़ा, अक्छोर, रमना, बगार, धोबही, करारी सिरपालपुर, बेठीगांव आदि लगभग पंद्रह से बीस गांवों में वायु प्रदूषण इस कदर बढ़ गया है।
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर बनाई गई मानव श्रृंखला में लसड़ा गांव सहित आसपास के कई गांवों के आम लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। इसके साथ ही सिरोही नदी को पाटकर इन मिलों द्वारा अतिक्रमण किया गया है, जिसकी जांच कराकर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाए। सिरोही नदी और क्षेत्र में बढ़ रहे इन मिलों के प्रदूषण के खिलाफ मोर्चा बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार है। लसड़ा गांव में स्थापित पांच राइस मिलों के कारण सिरोही नदी की निर्मलता व अविरलता पूरी तरह प्रभावित हुई है। इन मिलों द्वारा बेलन नदी को भी प्रदूषित किया जा रहा है, क्योंकि सिरोही नदी बेलन की सहायक नदी है। साथ ही इन मिलों पर खड़ी होने वाली ट्रकों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इसकी शिकायत प्रशासन से कई बार की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन में विजेंद्र पाण्डेय, संतोष पाण्डेय, अरुण पाण्डेय, सोनू पासवान, राजू लोहार, ऋषभ चौबे, आकाश चौहान, शत्रुघ्न बिंद, राम आसरे कनौजिया, दिनेश चेरो, काजू, संदीप, फूलगेना, अतवारी, सुनील, चुटकुल, मुराहु, अजय सैनी व हजारों लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : रवि पाण्डेय सोनभद्र



