
Land for Job Case : Lalu Prasad Yadav और Rabri Devi को ‘जमीन के बदले नौकरी’ मामले में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दोनों की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने “अनरिलाइड डॉक्यूमेंट्स” (जिन पर अभियोजन भरोसा नहीं करता) उपलब्ध कराने की मांग की थी।
विशेष जज विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा कि यह अर्जी ट्रायल में देरी करने की एक “रणनीतिक चाल” प्रतीत होती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी यह साबित करने में विफल रहे कि ऐसे दस्तावेज़ों की इस चरण पर आवश्यकता क्यों है।
कोर्ट ने कहा कि इस तरह की मांग न्यायिक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बना सकती है और मुकदमे की गति को बाधित कर सकती है। आदेश में यह भी कहा गया कि आरोपियों को पहले ही इन दस्तावेज़ों की सूची उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन उन्होंने किसी विशेष दस्तावेज़ की प्रासंगिकता स्पष्ट नहीं की।
Central Bureau of Investigation (CBI) ने दलील दी कि बिना ठोस कारण के ऐसे दस्तावेज़ उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है, खासकर तब जब मामला अभी बचाव पक्ष के साक्ष्य चरण में नहीं पहुंचा है।
कोर्ट ने यह भी माना कि 1600 से अधिक दस्तावेज़ों की जांच इस स्तर पर करना ट्रायल को “अस्त-व्यस्त” कर सकता है।
यह मामला 2004-2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए कथित तौर पर नौकरी के बदले जमीन लेने से जुड़ा है, जिसमें CBI और Enforcement Directorate (ED) दोनों जांच कर रही हैं।



