Varanasi News : IUCTE वाराणसी में पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन, उच्च शिक्षा में पेडागॉजी नवाचार पर मंथन

Varanasi News : आईयूसीटीई वाराणसी में “ट्रांसफॉर्मिंग पेडागॉजी इन हायर एजुकेशन” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन।

Varanasi News : अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई), वाराणसी में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “ट्रांसफॉर्मिंग पेडागॉजी इन हायर एजुकेशन: साइंसेज़, मैथमेटिक्स, सोशल साइंसेज़, ह्यूमैनिटीज़ एंड मैनेजमेंट” का शुक्रवार को समापन सत्र संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में देश के 10 राज्यों से 40 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ, जिसके बाद दीप प्रज्वलन और पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

समापन सत्र की मुख्य अतिथि डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. अनु सिंह लाथर रहीं, जबकि अध्यक्षता आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने की। डीन (शैक्षणिक एवं अनुसंधान) प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा संचालन डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने किया।

शिक्षण पद्धतियों में समावेशिता और नवाचार पर जोर

मुख्य अतिथि प्रो. अनु सिंह लाथर ने कहा कि शिक्षण पद्धतियां केवल कक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज और व्यवहारिक जीवन से भी जुड़ी होनी चाहिए। उन्होंने समावेशिता, नैतिक मूल्यों और बालिका शिक्षा को विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बताते हुए इन्हें शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाने पर बल दिया।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सशक्त बनाती हैं।

प्रबंधन और इंटरडिसिप्लिनरी पेडागॉजी पर विशेष सत्र

प्रथम सत्र में प्रो. कार्तिक दवे (डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी, दिल्ली) ने “पेडागॉजिकल इनोवेशन इन मैनेजमेंट: क्रिटिकल थिंकिंग एंड रियल-वर्ल्ड इन्क्वायरी” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि आधुनिक प्रबंधन शिक्षा में आलोचनात्मक चिंतन और वास्तविक समस्याओं पर आधारित अध्ययन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

द्वितीय सत्र में प्रो. अनु सिंह लाथर ने “इनोवेशन इन इंटरडिसिप्लिनरी पेडागॉजी” विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वविद्यालय अब विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, मानविकी और प्रबंधन को समन्वित कर बहुआयामी शिक्षण मॉडल विकसित कर रहे हैं।

‘लाइफ साइंसेज़ पेडागॉजी’ पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान ‘लाइफ साइंसेज़ पेडागॉजी’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसका संपादन डॉ. कुशाग्री सिंह (आईयूसीटीई, वाराणसी) ने किया है। प्रतिभागियों ने अपने-अपने मॉड्यूल प्रस्तुत कर उन्हें अंतिम रूप प्रदान किया।

कार्यक्रम का सफल संयोजन आईयूसीटीई के समस्त संकाय सदस्यों द्वारा किया गया।

Show More

Related Articles

Back to top button