
Iran Attack : ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मुख्यालय के पास सोमवार रात भीषण मुठभेड़ की खबर सामने आई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने सरकार विरोधी संगठन मुजाहिद्दीन-ए-खल्क (MEK) के 100 लड़ाकों को मार गिराया है।
सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह झड़प तेहरान स्थित मोताहारी कॉम्प्लेक्स के आसपास हुई, जहां सुप्रीम लीडर का आधिकारिक मुख्यालय और कई संवेदनशील सरकारी दफ्तर मौजूद हैं।
क्या है पूरा मामला?
IRGC का कहना है कि MEK के लड़ाकों ने सुप्रीम लीडर के मुख्यालय के पास घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे शुरुआती चरण में ही विफल कर दिया गया। सुरक्षा बलों और MEK के बीच हुई इस भिड़ंत में 100 से अधिक विद्रोही मारे जाने का दावा किया गया है।
वहीं, MEK ने अपने बयान में कहा है कि उसने एक “साहसिक ऑपरेशन” को अंजाम दिया और इस दौरान कई ईरानी कमांडर मारे गए। संगठन का यह भी दावा है कि उसके 150 से ज्यादा लड़ाके सुरक्षित अपने बेस पर लौट आए। हालांकि, स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
मोताहारी कॉम्प्लेक्स क्यों है अहम?
तेहरान का मोताहारी कॉम्प्लेक्स ईरान के सबसे सुरक्षित परिसरों में से एक माना जाता है। यहां सुप्रीम लीडर का कार्यालय, गार्डियन काउंसिल, एक्सपर्ट्स की असेंबली, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और अन्य अहम संस्थान स्थित हैं।
यही वजह है कि इस परिसर के पास हुई किसी भी सैन्य गतिविधि को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
विदेशी साजिश का आरोप
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस ऑपरेशन को विदेशी खुफिया एजेंसियों का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इस पर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
सरकारी एजेंसी तस्नीम ने MEK पर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन बाहरी ताकतों के इशारे पर देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
MEK क्या है?
मुजाहिद्दीन-ए-खल्क (MEK) एक शिया-मार्क्सवादी विचारधारा से जुड़ा संगठन है, जिसने ईरान की इस्लामी गणराज्य सरकार के खिलाफ लंबे समय से मोर्चा खोल रखा है। ईरान की सरकार इसे आतंकवादी संगठन मानती है।
हालांकि, MEK अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को एक विपक्षी राजनीतिक आंदोलन के रूप में पेश करता रहा है।



