Mauni Amavasya Sangam: शंकराचार्य का अपमान पूरे सनातन हिंदू समाज का अपमान — संदीप त्रिपाठी

Mauni Amavasya Sangam: हिंदू समाज के आस्था और विश्वास का पर्व मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने जहां करोड़ों की संख्या में सनातनी हिन्दू पहुंच रहे हैं वहीं सनातन धर्म के धर्माचार्य जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी को न केवल धक्के दे कर स्नान करने से रोक कर संगम तट से बाहर किया गया बल्कि उनके शिष्यों की चोटी पकड़कर घसीटा गया, इस सुनियोजित तरीके से सरकार के इशारे पर प्रशाशन द्वारा हमला करने की जितनी निंदा की जाए कम है।

उक्त बातें प्रतापगढ़ निवासी कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संदीप त्रिपाठी ने एक संक्षिप्त वार्ता में कही।
आगे श्री त्रिपाठी ने बताया कि सनातन धर्म में शंकराचार्य से बढ़ा कोई धर्माचार्य नहीं होता है, और अब इस सरकार में हमारे पूज्य धर्माचार्य ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनमानस कैसे सुरक्षित होंगे। जबकि मौजूदा भाजपा सरकार अपने को हिंदू समाज की हितैषी बताकर लोगों के बीच नफरत का बीज बो रही है । हजारों वर्षों से प्रयागराज संगम में लग रहे कुंभ मेले में पूरे विश्व से सनातन धर्म के लोगों का जमावड़ा लगता रहा है लेकिन उक्त सरकार मुगलों और अंग्रेज सरकार को भी पीछे छोड़ते हुए हिंदुओं का मान मर्दन कर रही है। जगत गुरु शंकराचार्य जी के अपमान को हिंदू समाज कभी भुला नहीं पाएगा आने वाले समय में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहना होगा।

रिपोर्ट उमेश पाण्डेय जिला संवाद दाता यूनाईटेड भारत

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