
न्यूयॉर्क। भारत ने आतंकवाद को पालने-पोसने वाले पाकिस्तान को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच से कड़ा संदेश दिया है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक कि आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बना पाकिस्तान सभी प्रकार के आतंकवाद को समाप्त नहीं कर देता।
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान को संधियों की पवित्रता की बात करने से पहले मानव जीवन की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए।
यूएन में भारत के स्थायी मिशन के अनुसार, हरीश ने अपने संबोधन की शुरुआत जल के महत्व और प्रबंधन से की। उन्होंने कहा कि जल सतत विकास के केंद्र में है, लेकिन एसडीजी-6 पर प्रगति अभी भी पटरी से उतरी हुई है, क्योंकि अरबों लोगों तक सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता सेवाएं नहीं पहुंच पाई हैं।
उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए निरंतर निवेश, क्षमता निर्माण और समावेशी शासन की आवश्यकता है। जल प्रबंधन में महिलाओं और लड़कियों की भूमिका को भी मान्यता देना जरूरी है। ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से भारत ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पेयजल पहुंचाने का दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम चला रहा है।
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इसके बाद उन्होंने कहा कि उनका इरादा द्विपक्षीय मुद्दे उठाने का नहीं था, लेकिन पाकिस्तान ने मंच का दुरुपयोग किया, जिससे जवाब देना जरूरी हो गया।
उन्होंने कहा कि भारत ने 65 वर्ष पहले सद्भावना के साथ सिंधु जल संधि की थी, लेकिन पाकिस्तान ने युद्ध और आतंकवादी हमलों के जरिए इसका उल्लंघन किया। हरीश ने स्पष्ट कहा कि अब यह संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के समर्थन को पूरी तरह और विश्वसनीय रूप से समाप्त नहीं करता।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)



