
नेपीडॉ। भारत की ओर से म्यांमार के शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक लैब उपकरणों की सप्लाई की जाएगी। भारत ने नेपीडॉ स्टेट एकेडमी को लैब उपकरण और सामान की सप्लाई के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे म्यांमार को रिसर्च वर्क और टीचिंग क्षमताओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नेपीडॉ स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, भारतीय पक्ष की ओर से राजदूत अभय ठाकुर और म्यांमार की ओर से उप शिक्षा मंत्री डॉ. ज़ॉ मिंट ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। नेपीडॉ स्टेट एकेडमी में आयोजित हस्ताक्षर समारोह में म्यांमार के शिक्षा मंत्री डॉ. चाव चाव सेन और एकेडमी की रेक्टर डॉ. नू नू ल्विन भी शामिल रहीं।
भारतीय दूतावास ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में नेपीडॉ स्टेट एकेडमी को लैब उपकरण और सामान की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग शामिल है, ताकि एकेडमी में मास्टर्स और पोस्ट-डॉक्टोरल विषयों के लिए रिसर्च वर्क और टीचिंग क्षमताओं को बढ़ाया जा सके। एमओयू पर हस्ताक्षर के साथ ही अब इस प्रोजेक्ट का काम शुरू हो जाएगा।
भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में म्यांमार की सहायता करता रहता है। भारत सरकार की सहायता वाला यह प्रोजेक्ट आधुनिक लैब उपकरण प्रदान करके म्यांमार के शिक्षा क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत, म्यांमार के शिक्षा क्षेत्र को अन्य क्षेत्रों जैसे आईटी और कृषि अनुसंधान में ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में शॉर्ट टर्म कोर्स और डिप्लोमा/डिग्री स्कॉलरशिप के जरिए भी सहायता देना जारी रखे हुए है।
(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)


