International News: भारत ने अमेरिका-नेतृत्व वाले Pax Silica गठबंधन में भागीदारी की, चीन पर पड़ेगा असर

भारत ने AI और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए अमेरिका-नेतृत्व वाले Pax Silica गठबंधन में शामिल होकर चीन पर वैश्विक प्रभुत्व में संतुलन बनाने का रणनीतिक कदम उठाया।

International News: भारत ने वैश्विक तकनीकी और रणनीतिक मंच पर एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका-नेतृत्व वाले Pax Silica गठबंधन में शामिल होने की घोषणा कर दी है। यह पहल AI (Artificial Intelligence), सेमीकंडक्टर्स और महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की सप्लाई चेन को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद साझेदारियों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।

इस कदम के पीछे उद्देश्य सिर्फ तकनीकी सहयोग नहीं है, बल्कि चीन के प्रभुत्व वाले वैश्विक सप्लाई नेटवर्क पर संतुलन बनाने और भारत की वैश्विक रणनीतिक भूमिका को मजबूत करना भी है। इस साझेदारी का ऐलान AI Impact Summit 2026 के दौरान नई दिल्ली में हुआ, जिसमें भारत की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिका की ओर से आर्थिक मामलों के उप सचिव जैकब हेल्बर्ग ने हिस्सा लिया।


Pax Silica: वैश्विक रणनीतिक गठबंधन

Pax Silica एक अमेरिका-नेतृत्व वाली तकनीकी और सप्लाई चेन साझेदारी है, जो AI, सेमीकंडक्टर्स और महत्वपूर्ण खनिजों में सुरक्षित और भरोसेमंद नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखती है। इसका मकसद चीन पर वैश्विक नियंत्रण वाले नेटवर्क के प्रभाव को कम करना और सहयोगी देशों के बीच भरोसेमंद सप्लाई चैन तैयार करना है।

इस गठबंधन में पहले से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई, यूनाइटेड किंगडम, ग्रीस और इज़राइल जैसे देश शामिल हैं। भारत के जुड़ने से इस नेटवर्क की ताकत और वैश्विक प्रभाव दोनों बढ़ गए हैं।


भारत के लिए मुख्य लाभ

1. तकनीकी और आर्थिक सहयोग

इस गठबंधन में शामिल होने से भारत को अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों के साथ AI और सेमीकंडक्टर तकनीक साझा करने और नई तकनीकी परियोजनाओं में भाग लेने का मौका मिलेगा।

2. सप्लाई चेन की सुरक्षा

AI और critical minerals की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने से भारत वैश्विक बाजार में विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बन जाएगा।

3. चीन पर निर्भरता में कमी

चीन के प्रभुत्व वाले सप्लाई नेटवर्क से अलग हटकर भारत नई तकनीकी और निवेश साझेदारियां विकसित कर सकेगा, जिससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

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वैश्विक रणनीतिक और राजनीतिक महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, Pax Silica में भारत का शामिल होना वैश्विक तकनीकी और रणनीतिक संतुलन को प्रभावित करेगा। यह कदम न केवल तकनीकी साझेदारी बढ़ाएगा, बल्कि भारत की वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक भूमिका को भी मजबूत करेगा।

इस साझेदारी से भारत को नई तकनीक, निवेश और वैश्विक मार्केट में भागीदारी के अवसर मिलेंगे। यह कदम भारत को AI और सेमीकंडक्टर उद्योग में एक मजबूत और भरोसेमंद खिलाड़ी बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।


विशेषज्ञों की राय

विश्लेषकों का मानना है कि Pax Silica जैसी पहल AI और तकनीकी भविष्य के इकोसिस्टम को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारत का शामिल होना इसे और मजबूत बनाएगा और अन्य सहयोगी देशों के साथ तकनीकी और संसाधनों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम चीन की वैश्विक प्रभुत्व क्षमता को चुनौती देने और भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा को बढ़ाने के लिए रणनीतिक रूप से अहम है।

Written By: Anushri Yadav

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