
Political News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने कोलकाता की अपनी पारंपरिक विधानसभा सीट Bhabanipur में जैन मान स्तंभ और संत कुटिया गेट का उद्घाटन किया। चुनावी सरगर्मियों के बीच हुए इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने भवानीपुर को “मिनी इंडिया” करार देते हुए कहा कि यह क्षेत्र विभिन्न धर्मों और समुदायों की एकता का प्रतीक है। उन्होंने जैन समाज और अन्य व्यापारिक समुदायों के योगदान की सराहना करते हुए सामाजिक सौहार्द और विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया।
समुदायों को साधने की रणनीति?
भवानीपुर में गुजराती, मारवाड़ी, जैन और पंजाबी समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है। ऐसे में चुनाव से पहले धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़े आयोजनों को राजनीतिक विश्लेषक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि यह पहल इन समुदायों तक सीधा संदेश पहुंचाने की कोशिश है कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
मतदाता सूची विवाद पर भी बयान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सवाल उठाना जरूरी है।
विकास और प्रतीकात्मक राजनीति का संगम
जैन मान स्तंभ और संत कुटिया गेट का उद्घाटन केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने का संदेश भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की राजनीति में विकास, पहचान और समुदाय आधारित पहुंच—तीनों का संतुलन अहम भूमिका निभाता है।
आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भवानीपुर में हुआ यह आयोजन राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। अब देखना होगा कि यह पहल चुनावी समीकरणों पर कितना असर डालती है।
Written By: Anushri Yadav



