
Hritik Roshan Fitness: बॉलीवुड के “ग्रीक गॉड” कहे जाने वाले ऋतिक रोशन हाल ही में अपने पर्सनल शेफ शुभम विश्वकर्मा को लेकर चर्चा में आए हैं। सोशल मीडिया पर ऋतिक ने अपने शेफ की तारीफ करते हुए उन्हें खास तौर पर धन्यवाद दिया, जिसके बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर कौन हैं शुभम और कैसे उन्होंने एक छोटे शहर से निकलकर बॉलीवुड के सबसे फिट सुपरस्टार के साथ काम करने का मुकाम हासिल किया।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से आने वाले शुभम विश्वकर्मा महज़ 29 साल की उम्र में प्रोफेशनल कुकिंग की दुनिया में बड़ा नाम बना चुके हैं। उन्होंने सिर्फ खाना बनाना नहीं सीखा, बल्कि न्यूट्रिशन और हेल्दी लाइफस्टाइल पर गहरी समझ बनाई। उनका मानना है कि खाना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर की परफॉर्मेंस, रिकवरी और एनर्जी के लिए भी होता है।
शुभम बताते हैं कि होटल शेफ और पर्सनल शेफ में बड़ा फर्क होता है। होटल में सैकड़ों लोगों के लिए खाना बनता है, लेकिन पर्सनल शेफ को सिर्फ एक इंसान के लिए हर बार बिल्कुल परफेक्ट खाना बनाना होता है। स्वाद के साथ साथ सेहत, टाइमिंग, प्राइवेसी और डिसिप्लिन सब कुछ जरूरी होता है। ऋतिक जैसे स्टार के लिए खाना बनाना सिर्फ किचन का काम नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है।
ऋतिक रोशन के लिए शुभम जो डाइट तैयार करते हैं वो “क्लीन, बैलेंस्ड और सोच समझकर बनाई हुई” होती है। इसमें लीन प्रोटीन, मौसमी सब्जियां, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और हेल्दी फैट शामिल होते हैं। हर मील इस तरह डिजाइन होता है कि ऋतिक की ट्रेनिंग, शूटिंग और रिकवरी को पूरा सपोर्ट मिले।
ऋतिक को सादा और घर जैसा इंडियन खाना पसंद है। उनके फेवरेट डिशेज में चोले, मूंग दाल, भिंडी भाजी, पनीर भुर्जी, तंदूरी चिकन, ग्रिल्ड सैल्मन, मटन करी और पोम्फ्रेट जैसी चीजें शामिल हैं। शुभम हर डिश को इस तरह बनाते हैं कि स्वाद भी रहे और शरीर पर बोझ भी न पड़े।
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शुभम का रोज़ का रूटीन बहुत स्ट्रिक्ट होता है। सुबह जल्दी उठकर प्लानिंग, ग्रॉसरी, प्रेप और फिर कुकिंग। वो ट्रेनर्स और टीम से लगातार जुड़े रहते हैं ताकि हर मील सही टाइम पर और सही मात्रा में मिले। उनका कहना है कि ऋतिक के साथ काम करने से उन्होंने प्रोफेशनलिज्म, डिसिप्लिन और खुद को बेहतर बनाने की सीख ली है।
जब उनसे सैलरी के बारे में पूछा गया तो शुभम ने साफ कहा कि वो पैसों से ज्यादा अपने काम की क्वालिटी पर ध्यान देते हैं। उनके लिए असली कमाई अनुभव, भरोसा और सीख है, जो उन्हें रोज़ मिल रही है।
कुल मिलाकर शुभम विश्वकर्मा की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहर से निकलकर बड़े सपने देखता है। मेहनत, सीखने की लगन और सही सोच के साथ कोई भी इंसान अपनी जगह बना सकता है, चाहे वो बॉलीवुड का किचन ही क्यों न हो।



