
Gujarat UCC Bill:गुजरात विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही गुजरात, उत्तराखंड के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है जिसने UCC लागू करने का फैसला लिया है। इस कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिश्तों जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान नियम लागू करना है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधानसभा में बिल पेश किया, जिसके बाद चर्चा और विचार-विमर्श के बाद इसे पास कर दिया गया। सरकार का कहना है कि यह कानून सामाजिक ढांचे में समानता और पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
किन मामलों में लागू होंगे समान नियम?
नए UCC कानून के तहत—
- शादी
- तलाक
- संपत्ति और उत्तराधिकार
- लिव-इन रिलेशनशिप
इन सभी मामलों में धर्म के आधार पर अलग-अलग कानून नहीं होंगे, बल्कि एक समान नियम लागू होंगे।
हालांकि, अनुसूचित जनजातियों सहित कुछ विशेष समुदायों को UCC के दायरे से बाहर रखा गया है।
UCC बिल 2026 में क्या प्रमुख बदलाव किए गए हैं?
शादी और तलाक के लिए समान प्रक्रिया
सब धर्मों के लिए विवाह और तलाक के नियम एक जैसे होंगे। किसी भी समुदाय के लिए अलग व्यक्तिगत कानून लागू नहीं रहेगा।
लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
पहली बार लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी रूप से मान्यता देते हुए उसका पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
रिश्ता खत्म होने पर भी एक तय प्रक्रिया का पालन करना होगा।
बहुविवाह पर रोक
कानून के तहत बहुविवाह प्रतिबंधित किया गया है, यानी किसी भी धर्म में एक से अधिक विवाह की अनुमति नहीं होगी।
उत्तराधिकार में समान अधिकार
संपत्ति और उत्तराधिकार से जुड़े नियम धर्म के आधार पर नहीं बदलेंगे। सभी नागरिकों पर एक जैसा प्रावधान लागू होगा।



