
Green Cooking:देश में बढ़ती गैस की कीमतों और उपलब्धता की समस्या के बीच एक नई तकनीक ने लोगों का ध्यान खींचा है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप Greenvize ने एक अनोखा हाइड्रोजन कुकिंग स्टोव विकसित किया है, जो बेहद कम संसाधनों में लंबे समय तक खाना पकाने की क्षमता रखता है।
यह आधुनिक चूल्हा सिर्फ 100 मिलीलीटर पानी और लगभग 1 यूनिट बिजली की मदद से करीब 6 घंटे तक लगातार जल सकता है। इस तकनीक की खास बात यह है कि इसमें किसी गैस सिलेंडर या पाइप की जरूरत नहीं होती।
इस सिस्टम में Oil and Natural Gas Corporation से जुड़े नवाचार के तहत ‘प्रोटॉन एक्सचेंज मेंब्रेन’ (PEM) इलेक्ट्रोलाइजर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। जैसे ही चूल्हे का नॉब ऑन किया जाता है, यह पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में तोड़कर तुरंत ईंधन तैयार करने लगता है।
पर्यावरण के लिहाज से भी यह तकनीक बेहद खास है। पारंपरिक चूल्हों के विपरीत इसमें कोई धुआं नहीं निकलता, बल्कि हाइड्रोजन जलने पर केवल जलवाष्प (भाप) बनती है। साथ ही प्रक्रिया के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन रसोई के वातावरण को और साफ बनाने में मदद करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह चूल्हा इंडक्शन स्टोव से भी ज्यादा किफायती साबित हो सकता है। जहां सामान्य इंडक्शन पर लंबे समय तक कुकिंग में ज्यादा बिजली खर्च होती है, वहीं यह तकनीक कम ऊर्जा में बेहतर परिणाम देती है। इसे सोलर पैनल से जोड़कर ग्रामीण इलाकों में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
कीमत की बात करें तो इसका सिंगल बर्नर वर्जन करीब 1 लाख रुपये से अधिक में उपलब्ध है, जबकि डबल बर्नर की कीमत इससे ज्यादा हो सकती है। फिलहाल इसे होटलों, कम्युनिटी किचन और बड़े स्तर पर खाना बनाने वाले स्थानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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