
Gonda News : Press Information Bureau (पत्र सूचना कार्यालय), लखनऊ ने गोण्डा जिले के जिला पंचायत सभागार में ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ विषय पर ग्रामीण मीडिया कार्यशाला–वार्तालाप का आयोजन किया। कार्यक्रम में हाल ही में संसद द्वारा पारित विधेयक, केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर विस्तृत चर्चा हुई। बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों ने इसमें भाग लिया।
जनकल्याण और ग्रामीण आजीविका पर जोर
मुख्य अतिथि प्रभात कुमार वर्मा (विधायक, गौरा) ने कहा कि ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ पुरानी योजनाओं की कमियों को दूर करने की दिशा में सराहनीय पहल है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
विशिष्ट अतिथि घनश्याम मिश्रा (जिला पंचायत अध्यक्ष) ने कहा कि सरकार की नीतियों और ‘मन की बात’ जैसे संवाद माध्यमों से गरीब, किसान और मजदूरों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें मीडिया की अहम भूमिका है।
‘सेवा, सुशासन और समृद्धि’ की अवधारणा
कार्यशाला के संयोजक और Press Information Bureau एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, उत्तर प्रदेश के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि यह विधेयक सेवा, सुशासन और समृद्धि की अवधारणा पर आधारित है। इसका उद्देश्य गरीबों का कल्याण सुनिश्चित करते हुए गांवों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह पहल महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर गांव के विचार को आगे बढ़ाती है।
125 दिन रोजगार गारंटी और लागत साझेदारी मॉडल
पीडीएस उपायुक्त (श्रम रोजगार) जनार्दन प्रसाद यादव ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखता है, जो पहले की 100 दिन की सीमा से अधिक है।
वरिष्ठ पत्रकार जानकी शरण द्विवेदी ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 लागत-साझाकरण अनुपात, पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 तथा बिना विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्रीय वित्तपोषण का प्रावधान रखा गया है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर जानकारी
Indian Bank के आंचलिक कार्यालय, गोण्डा के उप आंचलिक प्रबंधक संदीप कुमार सिन्हा ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को किफायती बीमा और पेंशन सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में केंद्र सरकार की नीतियों, ग्रामीण विकास, रोजगार गारंटी और वित्तीय समावेशन पर व्यापक संवाद हुआ।



