FASTag लेने से पहले ये जानना जरूरी, NHAI ने वाहन मालिकों के लिये जारी की चेतावनी

FASTag एनुअल पास के नाम पर बढ़ रहे ऑनलाइन स्कैम को लेकर NHAI ने चेतावनी जारी की है। जानें असली तरीका, फर्जी लिंक की पहचान और सुरक्षा टिप्स।

FASTag. अगर आप FASTag का एनुअल पास खरीदने या मौजूदा पास को रिन्यू करने का प्लान बना रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने वाहन मालिकों को एक नए ऑनलाइन स्कैम को लेकर चेतावनी जारी की है।

अथॉरिटी के मुताबिक, कई नकली वेबसाइट और अनधिकृत लिंक FASTag एनुअल पास देने का झूठा दावा कर लोगों को ठग रहे हैं, जिससे वित्तीय नुकसान के साथ-साथ पर्सनल डिटेल्स के दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है। NHAI ने बताया कि हाल के मामलों में कुछ वाहन मालिकों को करीब 3,000 रुपये तक का नुकसान हुआ है।

सिर्फ एक ही आधिकारिक तरीका

NHAI ने साफ किया है कि FASTag एनुअल पास सिर्फ एक आधिकारिक चैनल के ज़रिए ही उपलब्ध है। यूज़र्स इसे केवल ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ही खरीद सकते हैं।

अथॉरिटी ने कहा कि अगर कोई वेबसाइट, सोशल मीडिया पोस्ट, SMS या WhatsApp लिंक इस ऐप के अलावा कहीं और से FASTag एनुअल पास बेचने का दावा करता है, तो उसे *फर्जी* माना जाना चाहिए।

कैसे करते हैं ठग ठगी?

NHAI के अनुसार, स्कैमर नकली वेबसाइट और लिंक को असली जैसा डिज़ाइन करते हैं। इन पर यूज़र से वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर, FASTag डिटेल्स और पेमेंट जानकारी भरवाई जाती है, जिसके बाद अकाउंट से पैसे निकल जाते हैं या डाटा का गलत इस्तेमाल होता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी सार्वजनिक संदेश में NHAI ने हाईवे यूज़र्स से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनधिकृत विक्रेताओं से दूर रहें।

FASTag एनुअल पास किसके लिए है?

इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) के मुताबिक, FASTag एनुअल पास प्राइवेट कार, जीप, वैन के लिए उपलब्ध है।

यह पास एक साल या 200 टोल ट्रिप (जो पहले पूरी हो) तक वैध रहता है। इसका उद्देश्य टोल प्लाजा पर इंतज़ार कम करना और नेशनल हाईवे पर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है।

सुरक्षित रहने के लिए ज़रूरी टिप्स

NHAI ने FASTag यूज़र्स को सलाह देते हुये बताया कि इन बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। FASTag प्रोडक्ट्स सिर्फ़ ऑफिशियल बैंक ऐप, राजमार्गयात्रा ऐप या NPCI MyFASTag पोर्टल से ही खरीदें।

QR कोड स्कैन करने, लिंक पर क्लिक करने या KYC अपडेट के नाम पर आने वाले कॉल-मैसेज को नज़रअंदाज़ करें। OTP, FASTag ID, वाहन डिटेल्स या बैंक जानकारी किसी से साझा न करें। हर ट्रांजैक्शन के लिए SMS या ईमेल अलर्ट एक्टिव रखें। FASTag बैलेंस नियमित रूप से ऑफिशियल ऐप पर चेक करें।

ठगी होने पर क्या करें?

अगर किसी तरह की धोखाधड़ी का शक हो तो तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। FASTag अकाउंट ब्लॉक कराने के लिए संबंधित बैंक से संपर्क करें।

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NHAI हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज कराएं। NHAI ने कहा कि समय पर रिपोर्ट करने से आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है और आपकी पर्सनल जानकारी सुरक्षित रह सकती है।

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