
Cricket News-बांग्लादेश के खेल जगत में उस समय हलचल मच गई जब अंतरराष्ट्रीय विश्वकप प्रतियोगिता के बहिष्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस फैसले पर टीम से जुड़े कोच ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
कोच ने नाराज़गी जताते हुए आरोप लगाया कि इस स्थिति के लिए आसिफ नजरुल के बयान और रुख ने माहौल को प्रभावित किया है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत कर इस स्तर तक पहुँचने का सपना देखा था, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम ने उनकी उम्मीदों पर असर डाला है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से दूरी बनाने का फैसला खिलाड़ियों के करियर और देश की खेल छवि दोनों पर असर डाल सकता है। वहीं कुछ विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे मामलों में खेल संगठनों और सरकार को मिलकर संतुलित समाधान निकालना चाहिए ताकि खिलाड़ियों का नुकसान न हो।
फिलहाल इस मुद्दे पर खेल जगत, प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच बहस जारी है, और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे स्थिति किस दिशा में जाती है।



