
Varanasi News: वाराणसी के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले मणिकर्णिका घाट को 10 जनवरी 2026 को ध्वस्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) प्रतापगढ़ के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के माध्यम से महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट का ध्वस्तीकरण काशी की हजारों वर्षों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं पर सीधा आघात है। उन्होंने बताया कि यह घाट लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित कराया गया था और उनकी प्रतिमाओं का मलबे में दब जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। कांग्रेस पार्टी इस असंवेदनशील कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करती है।
कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष महेन्द्र शुक्ल और जिला उपाध्यक्ष विजय शंकर त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार ऐतिहासिक धरोहरों को बिना जनसंवाद और विशेषज्ञों की राय के नष्ट कर रही है। उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
वहीं, SIR प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष रामशिरोमणि वर्मा तथा मनरेगा बचाओ संग्राम प्रभारी रवि भूषण सिन्हा ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार एक ओर गरीबों से रोजगार छीन रही है और दूसरी ओर देश की ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाने का काम कर रही है। जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मणिकर्णिका घाट का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए, माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति की पुनः स्थापना की जाए तथा भविष्य में किसी भी पुनर्विकास कार्य से पहले धर्माचार्यों, इतिहासकारों और स्थानीय नागरिकों से अनिवार्य विमर्श किया जाए।
इस मौके पर कोषाध्यक्ष वेदांत तिवारी, जिला प्रवक्ता मासूम हैदर, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता – यूनाइटेड भारत



