
सोनभद्र। नशीले कफ सिरप तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर सोनभद्र पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। शुभम जायसवाल के शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) से बांग्लादेश तक फैले तस्करी नेटवर्क का सोनभद्र एसआईटी टीम ने पर्दाफाश करते हुए गैंग के हैंडलर जुबैर शेख को हावड़ा (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोडीन कफ सिरप की तस्करी में शैली ट्रेडर्स की नेटवर्किंग का पूरा काम जुबैर शेख ही करता था। एसआईटी ने उसे लिलुआ, हावड़ा सिटी से 16 मार्च को गिरफ्तार किया, जिसे कोलकाता से ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया है। पूछताछ में एसआईटी को उससे कई अहम जानकारियां मिली हैं।
जनपद पुलिस द्वारा मादक एवं नशीले कफ सिरप की तस्करी की रोकथाम तथा अपराधियों व तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत गठित एसआईटी टीम द्वारा थाना रॉबर्ट्सगंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0-1191/2025, धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2)(क) बीएनएस एवं धारा 21(C), 27-ए, 29 एनडीपीएस एक्ट से संबंधित आरोपी शुभम जायसवाल पुत्र भोला प्रसाद निवासी ए-9/24-J, कायस्थ टोला, प्रहलाद घाट, थाना आदमपुर, जनपद वाराणसी व अन्य तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में सोनभद्र पुलिस की एसआईटी टीम द्वारा आरोपी जुबेर हुसैन शेख पुत्र हुसैन शेख निवासी प्लॉट नं. 276 व 03, गट नं. 4, पटेल नगर, चिकलथाना, थाना चिकलथाना, जनपद औरंगाबाद (महाराष्ट्र) को 16 मार्च को थाना क्षेत्र लिलुआ, हावड़ा सिटी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाकर उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि जुबेर हुसैन शेख ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह शुभम जायसवाल के शैली ट्रेडर्स, रांची से फेंसाडील कफ सिरप की तस्करी बांग्लादेश तक कराता था। उक्त नशीले कफ सिरप को ट्रकों के माध्यम से अपने ड्राइवरों द्वारा बिहार के पूर्णिया तथा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी व कूचबिहार बॉर्डर तक भेजवाया जाता था, जहां से ट्रकों को बांग्ला भाषी चालकों द्वारा बांग्लादेश तक ले जाया जाता था। उसने बताया कि इस तस्करी गैंग में अधिकतर लोग बांग्ला भाषी हैं, क्योंकि बांग्लादेश तक तस्करी करने में इससे सुविधा होती है।
आरोपी ने यह भी बताया कि पूर्णिया (बिहार) के थाना मरंगा, बायसी व सरसी क्षेत्र में उसके गैंग में कार्यरत ड्राइवर—अमीन, फिरोज, सुमेर शेख (निवासी औरंगाबाद, महाराष्ट्र), आदिल (निवासी उत्तर प्रदेश) एवं वसीम को रांची में कफ सिरप तस्करी के दौरान ट्रक सहित पकड़ा जा चुका है। ये सभी वर्तमान में पूर्णिया एवं रांची जेल में निरुद्ध हैं, जिनमें से एक अभियुक्त सुमेर शेख की जमानत तस्करी गिरोह द्वारा कराई गई है।
उसने यह भी बताया कि तस्करी गिरोह सुनियोजित तरीके से कार्य करता है, जिसमें ड्राइवरों को निर्देश दिया जाता है कि गिरफ्तारी की स्थिति में वे गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी व सही नाम-पता पुलिस को नहीं बताएंगे। इसके बदले गिरोह द्वारा उनके परिवारों की आर्थिक सहायता एवं जमानत हेतु कानूनी मदद सुनिश्चित की जाती है।
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15 मार्च को हावड़ा के निकट कल्याणी एक्सप्रेसवे स्थित एक होटल में गिरोह के सदस्यों के साथ बैठक निर्धारित थी, जिसमें तस्करी के दौरान पकड़े गए ड्राइवरों के परिवारों को आर्थिक सहायता (ईद के अवसर पर) देने हेतु लगभग 1,00,000 की धनराशि प्राप्त होनी थी।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक सदानंद राय (प्रभारी निरीक्षक ओबरा व एसआईटी), उप निरीक्षक मानवेन्द्र सिंह (चौकी प्रभारी सुकृत व एसआईटी), प्रकाश सिंह (सर्विलांस सेल) एवं मनीष सिंह (एसओजी टीम) शामिल रहे।
रिपोर्ट : रवि पांडेय, सोनभद्र



