
Pakistan Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद अब कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। दोनों देश China की मध्यस्थता में बातचीत की मेज पर लौटे हैं। उत्तरी चीन के Urumqi में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच गोपनीय वार्ता का पहला दौर संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य सीमा पर जारी हिंसा को रोकना और स्थायी सीजफायर की दिशा में सहमति बनाना है।
सूत्रों के मुताबिक, यह वार्ता कई दिनों तक चल सकती है और इसे क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अफगानिस्तान की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में शामिल हुआ है, जिसमें विदेश, रक्षा, आंतरिक मंत्रालय और खुफिया एजेंसी के अधिकारी मौजूद हैं।
हालांकि, शांति वार्ता के बीच ही सीमा पर तनाव फिर से बढ़ गया। अफगानिस्तान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने देर रात उसके इलाके में मोर्टार दागे, जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। दूसरी ओर, Pakistan ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गौरतलब है कि फरवरी से दोनों देशों के बीच तनाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया था। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले किए थे, जिनमें काबुल समेत कई शहर प्रभावित हुए। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि उसने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
Also Read: Goa Election 2027: गोवा में केजरीवाल की सरकार बनेगी तो बिजली फ्री मिलेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम हो सकती है, लेकिन जमीनी हालात को देखते हुए सीजफायर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह बातचीत स्थायी शांति का रास्ता खोल पाएगी या तनाव और गहराएगा।
Written By: Kalpana Pandey



