Chaitra Navratra 2026: देवी दुर्गा की पूजा और राम नवमी का महापर्व

Chaitra Navratra 2026: चैत्र नवरात्रि, जिसे राम नवरात्रि भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व माता दुर्गा की नौ स्वरूपों की उपासना के लिए समर्पित है और इसी के साथ यह भगवान राम के जन्मोत्सव यानी राम नवमी के रूप में संपन्न होता है। देश भर में भक्त इस अवसर पर गहरी भक्ति और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।

चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र नवरात्रि को माता दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के साथ मनाया जाता है। इस दौरान व्रत, पूजा, भजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। प्रत्येक दिन को समर्पित विशेष रंग पहनने की परंपरा भी है, जो उत्सव की भव्यता को बढ़ाती है। यह शारदीय नवरात्रि के साथ हिन्दू धर्म के दो प्रमुख नवरात्रियों में से एक है।

समय और तिथि

चैत्र नवरात्रि हिन्दू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) के आरंभ का प्रतीक है और यह चैत मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है, जो सामान्यतः मार्च के अंत और अप्रैल के बीच आता है।

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चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियाँ

इस वर्ष, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, 2026 (गुरुवार) से आरंभ होकर 27 मार्च, 2026 (शुक्रवार) को समाप्त होगी। 27 मार्च को राम नवमी के रूप में विशेष पूजा और उत्सव का आयोजन किया जाएगा।

घटस्थापना का समय

पर्व की शुरुआत घटस्थापना से होती है, जिसमें पवित्र कलश की स्थापना की जाती है। 2026 में घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक है। जो लोग इस समय में नहीं कर पाते, उनके लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक उपलब्ध है।

पूजा और व्रत

भक्त प्रतिपदा से लेकर नवमी तक व्रत रखते हैं और माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। प्रत्येक दिन को एक विशेष रूप और रंग से समर्पित किया जाता है। यह परंपरा चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि दोनों में समान रूप से देखने को मिलती है।

निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि 2026 भक्तों के लिए भक्ति और उल्लास से भरा समय होगा। यह पर्व न केवल देवी दुर्गा की पूजा का अवसर है, बल्कि हिन्दू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है। नवमी को राम नवमी के रूप में मनाना इसे और भी पावन और आनंदमय बनाता है।

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