
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा की आराधना और साधना का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मां के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और मान्यता है कि सच्चे मन से की गई उपासना से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी को अलग-अलग रंगों के वस्त्र अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है, जिसे शुभ और फलदायी माना जाता है।
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी, जिन्हें सफेद और पीले रंग के वस्त्र प्रिय माने जाते हैं। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को पीला या केसरिया रंग अर्पित करना शुभ होता है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना में गुलाबी या लाल रंग का विशेष महत्व बताया गया है।
चौथे दिन मां कूष्मांडा को लाल या नीले रंग के वस्त्र चढ़ाने की परंपरा है, जबकि पांचवें दिन स्कंदमाता को लाल या नारंगी रंग प्रिय माना जाता है। छठे दिन मां कात्यायनी के पूजन में गुलाबी या मैरून रंग का प्रयोग किया जाता है। सातवें दिन मां कालरात्रि को चटक लाल रंग अर्पित करने से विशेष फल मिलने की मान्यता है।
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आठवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा के दौरान पीले या मैरून रंग के वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। नवरात्रि का यह पर्व आध्यात्मिक साधना के साथ शारीरिक और मानसिक शुद्धि का भी प्रतीक माना जाता है। इसी दौरान राम नवमी का पर्व भी मनाया जाता है, जिससे चैत्र नवरात्रि का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
Written By: Kalpana Pandey



