
नई दिल्ली। कैसरगंज से पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने दावा किया है कि उन्हें जनता के फैसले से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत लोकसभा से बाहर किया गया। एक न्यूज़ चैनल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल छोटा कर दिया गया और उन्हें अपमानित करते हुए जबरन बाहर निकाला गया। साथ ही उन्होंने एक बार फिर लोकसभा में लौटने का संकल्प जताया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, “अगर मैं ज़िंदा रहा तो निश्चित तौर पर दोबारा लोकसभा जाऊंगा। मैं भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की कोशिश करूंगा। अगर पार्टी टिकट नहीं देती है, तो मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ूंगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि वह एक जनप्रतिनिधि रहे हैं। सिंह ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े मूल कारसेवकों को नज़रअंदाज़ किया गया, जबकि बिना किसी योगदान वाले लोगों को आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि इसी आत्मसम्मान के चलते उन्होंने एक अन्य निमंत्रण भी ठुकरा दिया।
राम लल्ला के दर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि वह अब तक दर्शन के लिए नहीं गए हैं और जब जाएंगे तो एक आम श्रद्धालु की तरह लाइन में लगकर दर्शन करेंगे।
अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के दौर को याद करते हुए बृज भूषण ने कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया था, जिसे वह कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि BSP, JD(U) और RJD के कई नेताओं ने भी उस समय बयान देने से परहेज किया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए सिंह ने कहा कि जब सेना और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जाते हैं तो उन्हें दुख होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के सलाहकारों की वामपंथी सोच के कारण ऐसे मुद्दे उठते हैं, जिन्हें पाकिस्तान में पसंद किया जाता है।
गौरतलब है कि कई महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बृज भूषण शरण सिंह की जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया था, जो वर्तमान में उस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।



