
BJP Congress Alliance: महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सत्ता की गणित साधने के लिए परंपरागत विरोधी माने जाने वाले बीजेपी और कांग्रेस एक साझा रणनीति पर सहमत होते दिखे हैं। इस अप्रत्याशित राजनीतिक तालमेल ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की स्थिति को असहज कर दिया है और उनके सियासी समीकरणों पर बड़ा असर डाला है।
सूत्रों के मुताबिक, हालिया राजनीतिक हालात में दोनों दलों ने अपने-अपने हितों को साधने के लिए पर्दे के पीछे समझौता किया है। माना जा रहा है कि यह गठबंधन सीधे तौर पर शिंदे गुट की बढ़ती पकड़ और भविष्य की सत्ता संभावनाओं को सीमित करने की कोशिश है। स्थानीय स्तर पर होने वाले राजनीतिक फैसलों और रणनीतिक समर्थन में इस तालमेल के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी और कांग्रेस का यह कदम भले ही औपचारिक गठबंधन न हो, लेकिन सामरिक सहयोग के रूप में इसे बड़े राजनीतिक प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है। इससे न केवल शिंदे की रणनीति को झटका लगा है, बल्कि महाराष्ट्र की आने वाली राजनीति की दिशा भी बदल सकती है।
वहीं शिंदे गुट की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने बैठकों का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि शिंदे अपने समर्थकों को एकजुट कर इस नए सियासी समीकरण का जवाब देने की तैयारी में हैं।
कुल मिलाकर, सत्ता की इस अनोखी चाल ने यह साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अब स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं, बल्कि हालात के मुताबिक बदलते गठबंधन ही खेल का रुख तय करेंगे। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी दांव किसके पक्ष में जाता है।



