
UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलित राजनीति को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi के कांशीराम को लेकर दिए गए बयान पर यूपी सरकार के मंत्री Asim Arun ने तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने लखनऊ में कांशीराम जयंती से जुड़े ‘सामाजिक परिवर्तन दिवस’ कार्यक्रम में कहा था कि अगर Jawaharlal Nehru आज जीवित होते तो Kanshi Ram कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते। यह कार्यक्रम Indira Gandhi Pratishthan में कांग्रेस के ओबीसी और अनुसूचित जाति विभाग की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग भी उठाई गई।
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा कि कांग्रेस का कांशीराम प्रेम केवल चुनावी रणनीति है। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने कांग्रेस की दलित नीति की आलोचना करते हुए पूरी किताब लिखी थी और राहुल गांधी को उनकी पुस्तक Chamcha Yug पढ़नी चाहिए।
असीम अरुण ने कहा कि कांशीराम का मानना था कि कांग्रेस की नीतियों ने दलित नेतृत्व को कमजोर किया और दलित समाज को केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के लिए दलित नेताओं का इस्तेमाल किया।
मंत्री ने यह भी कहा कि कांशीराम ने कांग्रेस के विरोध में ही Bahujan Samaj Party की स्थापना की थी। ऐसे में कांग्रेस द्वारा अब उनकी विरासत का दावा करना केवल वोट बैंक की राजनीति है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी साल में कांग्रेस और Samajwadi Party दोनों कांशीराम की विरासत पर दावा कर रहे हैं, जबकि दलित आंदोलन में उनका वास्तविक योगदान सीमित रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा की कमजोर होती स्थिति के बीच दलित वोटों को लेकर कांग्रेस, सपा और भाजपा के बीच सियासी प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।



