
Asansol–Bokaro MEMU Train : पूर्वी भारत के औद्योगिक मानचित्र में एक अहम अध्याय जुड़ गया है। आसनसोल–बोकारो स्टील सिटी एमईएमयू रेल सेवा का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यह नई एमईएमयू सेवा पश्चिम बंगाल और झारखंड के दो प्रमुख औद्योगिक केंद्रों – आसनसोल और बोकारो को सीधे जोड़ती है। लंबे समय से इस रूट पर काम करने वाले श्रमिकों, छात्रों और छोटे व्यापारियों के लिए यह सेवा किसी जीवनरेखा से कम नहीं मानी जा रही है।
औद्योगिक विकास को मिलेगा नया संबल
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सेवा पश्चिम बर्द्धमान, पुरुलिया और बोकारो के बीच एक किफायती और तेज़ “स्टील कॉरिडोर” तैयार करती है। इससे स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों को दैनिक आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी, जिससे औद्योगिक उत्पादकता और समन्वय को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
एमईएमयू ट्रेन छोटे-छोटे मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव देती है, जिससे पुरुलिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों को सीधे बड़े औद्योगिक बाजारों से जोड़ा जा सकेगा। इससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और सेवाओं में वृद्धि की संभावना है।
छात्रों और दैनिक यात्रियों को राहत
नई सेवा से सैकड़ों छात्र अब राज्य सीमा पार स्थित कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों तक रोज़ाना यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही कम लागत वाले मासिक सीजन टिकट (MST) से दैनिक मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों का यात्रा खर्च भी काफी कम होगा।
यात्रा मानकों में सुधार
जहां पहले यात्रियों को बस बदलने, ट्रैफिक जाम और मौसम संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब यह रेल सेवा हर मौसम में समयबद्ध, सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा सुनिश्चित करेगी। एक्सप्रेस ट्रेनों के विपरीत, यह सेवा छोटे गांवों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह पहल ‘ईज ऑफ ट्रैवल’ और क्षेत्रीय विकास के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



