
UP Assembly: क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने शुक्रवार को विधानसभा में प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों से बढ़ रही मृत्यु दर अत्यंत चिंताजनक है और वर्तमान प्रयास अपर्याप्त साबित हो रहे हैं।
मोना ने सदन के माध्यम से सरकार को अवगत कराया कि प्रदेश में होने वाली 56 प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण, 12 प्रतिशत गलत दिशा में वाहन चलाने से और 8 प्रतिशत नशे में ड्राइविंग के कारण हो रही हैं। उनके अनुसार, प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 45 हजार से अधिक सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें 24 हजार से ज्यादा लोगों की असमय मौत हो रही है।
उन्होंने कहा कि पचास प्रतिशत से अधिक मृतकों में युवा वर्ग शामिल है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
एक्सप्रेसवे और ओवरस्पीडिंग पर उठाए सवाल
विधायक मोना ने प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे, रायबरेली में गंगा एक्सप्रेसवे तथा कानपुर में ओवरस्पीडिंग के कारण हुई दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि 31 जनवरी तक चलाया गया सड़क सुरक्षा अभियान अब केवल प्रतीकात्मक बनकर रह गया है। सरकार को चाहिए कि प्रत्येक जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर विशेषज्ञों से इंजीनियरिंग ऑडिट कराकर सड़क संरचना, डिजाइन और सुरक्षा उपायों में तत्काल सुधार करे।
भर्ती और शिक्षा पर जोर
मोना ने यातायात प्रबंधन में मैनपावर की कमी को भी बड़ा कारण बताया और ट्रैफिक पुलिस व होमगार्ड की तत्काल भर्ती की मांग की। साथ ही स्कूल और कॉलेज स्तर पर सड़क सुरक्षा शिक्षा को अनिवार्य किए जाने का सुझाव दिया।
उन्होंने दुर्घटना पीड़ित परिवारों के लिए प्रभावी, पारदर्शी और स्थायी सहायता योजनाएं लागू करने की भी मांग की।
विधानसभा में दिए गए वक्तव्य की जानकारी मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से दी गई।
रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाइटेड भारत (प्रतापगढ़)



