
Nagpur: अडाणी ग्रुप ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लिए एक महत्वाकांक्षी ₹70,000 करोड़ के निवेश रोडमैप का ऐलान किया है। इस व्यापक योजना के तहत एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, एविएशन और कम्युनिटी डेवलपमेंट जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। इस पहल का मकसद विदर्भ को क्लीन एनर्जी, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग और इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स का प्रमुख हब बनाना है।
शुक्रवार को नागपुर में आयोजित एडवांटेज विदर्भ 2026 कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए अडाणी एयरपोर्ट्स के डायरेक्टर जीत अडाणी ने कहा कि विदर्भ में अडाणी ग्रुप की मौजूदगी “जेनरेशनल है, ट्रांजैक्शनल नहीं”। उन्होंने बताया कि यह निवेश भारत की एनर्जी सिक्योरिटी, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और समावेशी विकास की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
विदर्भ बन रहा है विकास का नया केंद्र
जीत अडाणी ने कहा कि विदर्भ आज महाराष्ट्र और देश की ग्रोथ स्टोरी में एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रहा है। मजबूत राजनीतिक नेतृत्व, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निजी निवेश के बढ़ते समर्थन से यह क्षेत्र औद्योगिक और आर्थिक विकास का नया केंद्र बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा विदर्भ में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर में हो रहे निवेश से न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में अडाणी ग्रुप की मजबूत मौजूदगी
अडाणी ग्रुप पहले से ही विदर्भ में बड़े पैमाने पर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाएं चला रहा है। तिरोदा में स्थित महाराष्ट्र का सबसे बड़ा 3,300 मेगावाट का सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट अडाणी ग्रुप द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा, 2025 में 600 मेगावाट के बुटीबोरी पावर प्लांट को फिर से शुरू किया गया, जिससे राज्य की बेसलोड पावर क्षमता और मजबूत हुई है।
25 वर्षों के दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट के तहत अडाणी ग्रुप अब महाराष्ट्र को 6,600 मेगावाट भरोसेमंद बिजली की आपूर्ति कर रहा है। इसमें गुजरात के खावड़ा से सोलर पावर को थर्मल जेनरेशन के साथ मिलाकर ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित की जा रही है।
जीत अडाणी ने कहा, “यह पावर बैकबोन महाराष्ट्र की इंडस्ट्री, शहरों और डिजिटल इकॉनमी को मजबूत सपोर्ट देता है, जिससे राज्य की आर्थिक रफ्तार को नई ऊर्जा मिलती है।
लिंगा-कलमेश्वर में ₹70,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
इस निवेश रोडमैप की सबसे बड़ी घोषणा लिंगा-कलमेश्वर में ₹70,000 करोड़ के इंटीग्रेटेड कोल गैसीफिकेशन और डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव्स कॉम्प्लेक्स को लेकर की गई। यह परियोजना न केवल विदर्भ बल्कि पूरे देश के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस मेगा प्रोजेक्ट से करीब 30,000 डायरेक्ट नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, एडवांस्ड केमिकल मैन्युफैक्चरिंग की क्षमताओं का विकास होगा और जरूरी औद्योगिक इनपुट्स के लिए आयात पर निर्भरता कम होगी।
जीत अडाणी ने इस परियोजना को “देश की आत्मनिर्भरता के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म” बताया। उन्होंने कहा कि यह नागपुर को क्लीन एनर्जी आधारित इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी के ग्लोबल मैप पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
लॉजिस्टिक्स, एविएशन और कम्युनिटी डेवलपमेंट पर फोकस
ऊर्जा और इंडस्ट्रियल सेक्टर के अलावा अडाणी ग्रुप लॉजिस्टिक्स और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। नागपुर को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
एविएशन सेक्टर में निवेश से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही, ग्रुप कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर भी फोकस करेगा, ताकि स्थानीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
विदर्भ के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है निवेश
विशेषज्ञों का मानना है कि अडाणी ग्रुप का यह ₹70,000 करोड़ का निवेश रोडमैप विदर्भ के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल विकास से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
इस निवेश से न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में मजबूत आधार मिलेगा।
Written By : Anushri Yadav



