
मुंबई। बॉलीवुड के ‘परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र महज़ एक नंबर है। अपने 61वें जन्मदिन से पहले आमिर ने 18 किलो वज़न कम कर लिया, वो भी बिना किसी कठोर जिम रूटीन के। इस शानदार ट्रांसफॉर्मेशन का राज है उनकी एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट, जिसे उन्होंने एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या (माइग्रेन) से राहत पाने के लिए अपनाया था।
बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने खुलासा किया कि वज़न कम होना इस डाइट का एक “साइड इफेक्ट” था। उन्होंने कहा कि मैंने यह डाइट माइग्रेन के लिए शुरू की थी। इसने मेरे लिए जादू की तरह काम किया। न सिर्फ मेरा 18 किलो वज़न कम हुआ, बल्कि माइग्रेन भी काफी हद तक कंट्रोल में आ गया।
क्रैश डाइट नहीं, फंक्शनल न्यूट्रिशन की ओर झुकाव
आमिर खान अब उन सेलिब्रिटीज़ की लिस्ट में शामिल हो गए हैं जो क्रैश डाइटिंग छोड़कर शरीर को अंदर से ठीक करने वाली फंक्शनल न्यूट्रिशन*को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे पहले अभिनेत्री विद्या बालन भी यह खुलासा कर चुकी हैं कि उन्होंने एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट से, बिना एक्सरसाइज़ के, वज़न कम किया।
कैसे काम करती है एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट?
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन (Chronic Inflammation) वज़न बढ़ने का एक बड़ा कारण हो सकती है। प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा चीनी, शराब, तनाव और नींद की कमी शरीर में ऐसे रसायन छोड़ते हैं जो इंसुलिन और लेप्टिन हार्मोन के काम में बाधा डालते हैं। यही वजह है कि सूजन कम होने पर वज़न अपने-आप घटने लगता है।
इन चीज़ों से बनाई दूरी
एक एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में आमतौर पर इन चीज़ों से बचने की सलाह दी जाती है:
- ज़्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स
- डीप फ्राइड और प्रोसेस्ड फूड
- रिफाइंड अनाज और ट्रांस फैट
- शराब और प्रोसेस्ड मीट
आमिर खान का यह ट्रांसफॉर्मेशन न सिर्फ फिटनेस इंस्पिरेशन है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही डाइट से सेहत और शरीर दोनों में बड़ा बदलाव संभव है।



