
Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हालिया “मन की बात” कार्यक्रम में 10 महीने की ऑर्गन डोनर एलिन को याद किया। उन्होंने इस छोटी सी ज़िंदगी में दिए गए उस अद्भुत उपहार को सम्मानित किया, जिसने देश में अंगदान (Organ Donation) की आवश्यकता और महत्व को उभारा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंगदान न केवल एक दान है, बल्कि कोई व्यक्ति अपनी अप्रत्यक्ष रूप से भी किसी के जीवन में नई उम्मीद और नई शुरुआत दे सकता है। उन्होंने एलिन के उदाहरण के ज़रिये लोगों को यह संदेश दिया कि अगर हम स्वेच्छा से अंगदान को अपनाएँ, तो इससे कई रोगियों को नई जिंदगी मिलने में मदद मिल सकती है।
भारत में अंगदान की वास्तविक स्थिति
•अंगदान (Organ Donation) के प्रति जागरूकता धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन अभी भी बहुत से लोगों को यह नहीं पता कि वे अपना अंग दान कर सकते हैं।
•भारत में कानूनी रूप से अंग दान को मान्यता प्राप्त है और कई अस्पतालों में इसे सुचारू रूप से लागू किया जा रहा है।
•कुछ बड़ी स्वास्थ्य संस्थाएँ और सरकारी योजनाएँ लोगों को अंगदान के बारे में जानकारी और सुविधा प्रदान करती हैं, ताकि दान प्रक्रिया सरल और भरोसेमंद बनी रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और अपने अधिकार को समझने से देश के कई रोगियों को नई ज़िंदगी मिल सकती है। प्रधानमंत्री का यह सन्देश लोगों में उम्मीद और जागरूकता बढाने वाला रहा है।
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