
नई दिल्ली/यरुशलम। प्रधानमंत्री Narendra Modi के 25-26 फरवरी को प्रस्तावित इज़राइल दौरे से पहले इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने उन्हें “पर्सनल दोस्त” बताते हुए भारत को “ग्लोबल पावर” कहा है। नेतन्याहू ने दोनों देशों के रिश्ते को “दो वैश्विक नेताओं के बीच मजबूत गठबंधन” करार दिया।
X पर पोस्ट कर जताई दोस्ती
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की एक श्रृंखला में कहा कि वह और पीएम मोदी नियमित रूप से फोन पर बातचीत करते हैं और एक-दूसरे से मुलाकात भी करते रहे हैं। उन्होंने लिखा कि भारत और इज़राइल के बीच संबंध बीते वर्षों में और अधिक गहरे हुए हैं।
नेतन्याहू ने अपने एक पोस्ट में पुरानी मुलाकातों का ज़िक्र करते हुए लिखा कि दोनों नेता साथ में मेडिटेरेनियन के किनारे चले थे और तब से दोनों देशों के रिश्तों में काफी प्रगति हुई है।
आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग पर फोकस
इज़राइली प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान आर्थिक, डिप्लोमैटिक और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और साझा स्ट्रेटेजिक विज़न के आधार पर साझेदार हैं।
यह दौरा 2017 के बाद पीएम मोदी का दूसरा इज़राइल दौरा होगा। 2017 में वह इज़राइल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे, जिसने द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय जोड़ा था।
AI और क्वांटम कंप्यूटिंग में बढ़ेगा सहयोग
नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल हाई-टेक सेक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग में भारत के साथ सहयोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा, “AI और क्वांटम केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान हैं। हम इन क्षेत्रों में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होना चाहते हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-इज़राइल संबंधों को नई रणनीतिक ऊंचाई दे सकती है, खासकर रक्षा, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में।



