
Lifestyle Update: पपीता एक ऐसा फल है जिसे हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन A, विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और पाचक एंजाइम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। सुबह खाली पेट पपीता खाने से पाचन बेहतर होता है, कब्ज में राहत मिलती है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर सेहतमंद चीज हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं होती? कुछ खास परिस्थितियों में पपीता नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझें और उसी के अनुसार इसका सेवन करें।
नीचे हम विस्तार से बता रहे हैं कि किन लोगों को पपीता खाने से बचना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेकर ही खाना चाहिए।
1. गर्भवती महिलाएं (खासकर शुरुआती महीनों में)
कच्चे या अधपके पपीते में पपैन (Papain) और लेटेक्स नामक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व गर्भाशय में संकुचन (uterine contractions) बढ़ा सकते हैं।
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इससे गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है।
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शुरुआती तीन महीनों में जोखिम ज्यादा होता है।
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अधिक मात्रा में सेवन गर्भावस्था में जटिलताएं पैदा कर सकता है।
हालांकि पूरी तरह पका हुआ पपीता सीमित मात्रा में कुछ मामलों में सुरक्षित माना जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं को इसे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
2. लेटेक्स या फलों से एलर्जी वाले लोग
कुछ लोगों को लेटेक्स (रबर से संबंधित पदार्थ) या कुछ विशेष फलों से एलर्जी होती है। पपीते में प्राकृतिक लेटेक्स पाया जाता है, जिससे एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है।
संभावित लक्षण:
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त्वचा पर खुजली या लाल चकत्ते
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होंठ या गले में सूजन
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सांस लेने में तकलीफ
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उल्टी या चक्कर
अगर आपको पहले कभी पपीता या लेटेक्स से एलर्जी की समस्या हुई है, तो इसका सेवन न करें।
3. एसिडिटी या संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोग
पपीता पाचन में मदद करता है, लेकिन कुछ लोगों का पाचन तंत्र बहुत संवेदनशील होता है।
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ज्यादा मात्रा में पपीता खाने से पेट में जलन हो सकती है।
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गैस या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है।
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खाली पेट अधिक मात्रा में सेवन से असहजता हो सकती है।
ऐसे लोग थोड़ी मात्रा में पका हुआ पपीता खाएं और अगर परेशानी हो तो सेवन बंद कर दें।
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4. किडनी रोगी
पपीते में पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है। सामान्य लोगों के लिए यह फायदेमंद है क्योंकि यह ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद करता है।
लेकिन जिनकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही, उनके शरीर में अतिरिक्त पोटैशियम जमा हो सकता है।
संभावित खतरे:
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दिल की धड़कन अनियमित होना
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मांसपेशियों में कमजोरी
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गंभीर मामलों में हृदय पर असर
किडनी रोगियों को अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही पपीता खाना चाहिए।
5. ब्लड थिनर लेने वाले मरीज
पपीते में विटामिन K और अन्य तत्व होते हैं जो खून के जमने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर कोई व्यक्ति ब्लड थिनर (जैसे वारफारिन) ले रहा है, तो ज्यादा मात्रा में पपीता खाने से दवा का असर बदल सकता है। ऐसे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
पपीता कब और कैसे खाएं?
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हमेशा पूरी तरह पका हुआ पपीता खाएं।
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सीमित मात्रा में सेवन करें।
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किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लें।
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अगर सेवन के बाद कोई असामान्य लक्षण दिखें तो तुरंत रोक दें।
Written By: Anushri Yadav



