
State News: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। अमांपुर क्षेत्र में एक बंद कमरे से उठी खामोशी ने 72 घंटे बाद ऐसा राज खोला, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई। एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव घर के अंदर मिलने से हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना अमांपुर कस्बे की बताई जा रही है, जहां एक परिवार पिछले तीन दिनों से घर से बाहर नहीं निकला था। पड़ोसियों ने पहले तो इसे सामान्य समझा, लेकिन जब घर का दरवाजा लगातार बंद रहा और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो शक गहराया। बदबू आने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया। कमरे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव पड़े थे। पूरे घर में सन्नाटा पसरा हुआ था।
कौन-कौन थे मृतक?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतकों में दंपति और उनके तीन बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक रूप से सभी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फॉरेंसिक टीम भी मौके से साक्ष्य जुटा रही है।
आत्महत्या या साजिश?
इस घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। शुरुआती जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। घर के अंदर जबरन घुसने या संघर्ष के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार पिछले कुछ समय से आर्थिक और मानसिक तनाव में था। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।
72 घंटे का सन्नाटा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तीन दिनों तक किसी को भनक तक नहीं लगी। पड़ोसी अपने-अपने काम में व्यस्त रहे और घर के अंदर क्या हुआ, यह किसी को पता नहीं चला। जब तक सच्चाई सामने आई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या परिवार किसी गहरे संकट से जूझ रहा था? क्या समय रहते मदद मिलती तो जानें बच सकती थीं? या फिर इसके पीछे कोई और वजह है?
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई है। कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
समाज के लिए चेतावनी
यह दर्दनाक घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है। कई बार लोग अपने संघर्षों और परेशानियों को छिपाते रहते हैं। अगर समय रहते संवाद और सहयोग मिल जाए, तो शायद ऐसी घटनाएं टाली जा सकती हैं।
कासगंज का यह मामला पूरे प्रदेश को झकझोर रहा है। 72 घंटे का सन्नाटा अब अनगिनत सवालों की गूंज बन चुका है। पुलिस जांच जारी है और हर किसी की नजर अब सच सामने आने पर टिकी है।



