
International News: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव ने नई ऊंचाइयां छू ली हैं। हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले करके वहां मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट (IS) के ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले में अफगानिस्तान के कई नागरिकों की मौत भी हुई। यह घटना सिर्फ दो पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव की कहानी नहीं है, बल्कि सीमा पार आतंकवाद, आत्मघाती हमलों और सुरक्षा चुनौतियों की एक जटिल तस्वीर भी पेश करती है।
साल 2025 पाकिस्तान के लिए आतंकी हमलों के लिहाज से बेहद घातक रहा। देश के विभिन्न हिस्सों में TTP और IS जैसी आतंकी संगठनों ने लगातार हमले किए। इनमें से ज्यादातर हमले सेना और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में आतंकियों ने बड़ी संख्या में आत्मघाती हमले किए। अकेले साल 2025 में पाकिस्तान में आत्मघाती हमलों में 3413 लोग मारे गए, जिसमें 667 सुरक्षाकर्मी शामिल थे।
पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका बन्नू और बाजौर जिले में हुए आत्मघाती हमलों से आया। इन हमलों में कई सैनिक और आम नागरिक मारे गए। इसके अलावा इस्लामाबाद की खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में तीन महीने के भीतर दूसरा आत्मघाती हमला हुआ, जिसकी जिम्मेदारी सीधे-सीधे इस्लामिक स्टेट ने ली। ऐसे हमलों ने पाकिस्तान को सीमा पार कार्रवाई के लिए मजबूर किया।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर देर रात हवाई हमले किए। सूचना मंत्रालय के अनुसार, ये हमले पक्तिका राज्य के बरमल और उरगुन जिलों और नंगरहार के खोगयानी, बेहसूद और गनी खेल जिलों में किए गए। इन हवाई हमलों में सात आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अफगान अधिकारियों के मुताबिक, नंगरहार में हुए हमले में एक घर के मलबे में दबने से 23 लोग मारे गए, जिनमें 19 की मौत हो गई।
पाकिस्तान का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद केवल सीमा पार आतंकवाद को रोकना था। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि TTP और IS मिलकर पाकिस्तान में आतंकवादी हमले कर रहे हैं और अफगान सरकार और तालिबान को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। ऐसे में पाकिस्तान को सीमा पार कार्रवाई करनी पड़ी।
इन हमलों की पृष्ठभूमि में साल 2025 में पाकिस्तान में हुए आतंकवादी घटनाक्रम हैं। TTP की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 3573 हमले किए गए, जिनमें 3481 सुरक्षाकर्मी मारे गए। आंकड़े साल 2024 की तुलना में 26 प्रतिशत ज्यादा हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट में भी पाकिस्तान दुनिया के सबसे आतंकवाद प्रभावित देशों में दूसरे नंबर पर है।
पाकिस्तान ने हवाई हमले के बाद कहा कि उनका उद्देश्य नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि सक्रिय आतंकियों और उनके ठिकानों को निशाना बनाना था। हालांकि अफगानिस्तान ने इस हमले को सुईसीड हमला और राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला बताया और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। यह तनाव दोनों देशों के बीच पुराने विवाद और सीमा सुरक्षा की जटिलताओं को उजागर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम दिखाता है कि आतंकवादी अब डिजिटल साधन, सीमा पार नेटवर्क और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर हमलों को अंजाम दे रहे हैं। पाकिस्तान की कार्रवाई में सीमा पार आतंकवादियों और उनकी फंडिंग नेटवर्क को निशाना बनाने की कोशिश की गई। इसके अलावा खुफिया जानकारी और तमाम सुरक्षा उपायों ने इस बार बड़े हमले को समय रहते रोका।
साल 2025 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हमलों की तीव्रता ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। हवाई हमले, आत्मघाती हमले और आतंकी घटनाओं की श्रृंखला ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की जरूरत को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सीमा पार हमले और आतंकवाद का मुकाबला केवल सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि खुफिया जानकारी, डिजिटल निगरानी और सहयोगी देशों के साथ समन्वय से ही किया जा सकता है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच यह तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। दोनों देशों को बातचीत, सीमा सुरक्षा और आतंकवाद रोधी सहयोग पर ध्यान देना होगा। फिलहाल पाकिस्तान ने हवाई हमले के जरिए TTP और IS के ठिकानों को नष्ट कर संभावित हमलों को रोका है, लेकिन भविष्य में क्या स्थिति रहेगी, यह पूरी तरह खुफिया जानकारी और दोनों देशों की कूटनीतिक रणनीति पर निर्भर करेगा।
यह घटनाक्रम आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है।
Written By: Anushri Yadav



