अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, विकास की इबारत लिख रहा शाहजहांपुर

शाहजहांपुर में विश्वविद्यालय, पं. राम प्रसाद बिस्मिल मेडिकल कॉलेज, गंगा एक्सप्रेसवे और ओडीओपी योजना से विकास को मिली रफ्तार। जरी-जरदोजी को अंतरराष्ट्रीय पहचान और युवाओं को रोजगार।

शाहजहांपुर। शाहजहांपुर अब पिछड़ेपन की कहानियों से निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा है। बीते वर्षों में जिले को विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, औद्योगिक निवेश और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। प्रशासन का दावा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर हुए बदलावों ने जिले की तस्वीर बदल दी है।

विश्वविद्यालय बनने से उच्च शिक्षा को मिला बढ़ावा

जिले का प्राचीन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय बनने से शिक्षा की गुणवत्ता और अवसर दोनों बढ़ेंगे, साथ ही अभिभावकों को भी सुरक्षा और सुविधा का भरोसा मिलेगा।

पं. राम प्रसाद बिस्मिल मेडिकल कॉलेज से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल के नाम पर स्थापित मेडिकल कॉलेज ने जिले को आधुनिक स्वास्थ्य ढांचा प्रदान किया है। 100 बेड के अस्पताल और अत्याधुनिक लैब सुविधाओं के कारण अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ता। यहां प्रदेश ही नहीं, अन्य राज्यों के छात्र भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।

ओडीओपी से जरी-जरदोजी को अंतरराष्ट्रीय पहचान

योगी सरकार की ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना के तहत शाहजहांपुर की पारंपरिक जरी-जरदोजी कला को नया जीवन मिला है। जो हस्तशिल्प पहले मंदी की मार झेल रहा था, वह अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहा है। स्थानीय कारीगरों के अनुसार, दुबई और सऊदी अरब तक से ऑर्डर मिल रहे हैं। रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कारीगरों की आय में कई गुना वृद्धि हुई है।

गंगा एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास से रोजगार

गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव ने जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। औद्योगिक गलियारे के विकास के साथ सीमेंट फैक्ट्री, चीनी मिल और अन्य इकाइयों में हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। निवेश बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है।

महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

विश्वकर्मा योजना और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ‘ड्रोन दीदी’ पहल के माध्यम से महिलाएं खेतों में फर्टिलाइजर का छिड़काव कर आय अर्जित कर रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सक्रियता

जिला प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था में सुधार और त्वरित जनसुनवाई से लोगों का भरोसा बढ़ा है। किसानों को गन्ना और आलू भुगतान में राहत मिली है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जा रहा है।

कुल मिलाकर, शाहजहांपुर अब शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और हस्तशिल्प के क्षेत्र में संतुलित विकास का उदाहरण बनता नजर आ रहा है।

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