Religion News: कुंडली में ग्रहों की युति का प्रभाव और उन्हें संतुलित करने के उपाय

शुक्र-सूर्य से लेकर सूर्य-राहु तक, जानिए किन ग्रहों के साथ आने पर कौन-से आसान उपाय अपनाएं और कमजोर ग्रहों को कैसे बनाएं मजबूत

Religion News: ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि ये सभी ग्रह व्यक्ति के जीवन के अलग-अलग पहलुओं—स्वास्थ्य, करियर, विवाह, धन और मानसिक स्थिति—को प्रभावित करते हैं। जब कोई ग्रह कुंडली में उच्च या मजबूत स्थिति में होता है, तो वह शुभ फल देता है और अन्य ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को भी कम कर सकता है।

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि दो ग्रह एक ही राशि, भाव या नक्षत्र में आ जाते हैं। इसे ग्रहों की युति कहा जाता है। यह युति परिस्थितियों के अनुसार शुभ भी हो सकती है और चुनौतीपूर्ण भी। ऐसे समय में कुछ विशेष उपाय अपनाकर ग्रहों के प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है।


शुक्र और सूर्य की युति

यदि कुंडली में शुक्र और सूर्य एक साथ हों, तो यह युति अहंकार और वैवाहिक जीवन से जुड़ी चुनौतियां ला सकती है। इस स्थिति में देवी उपासना विशेष लाभकारी मानी जाती है। मां दुर्गा की नियमित पूजा, शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र धारण करना और सात्विक भोजन ग्रहण करना सकारात्मक परिणाम दे सकता है। इससे जीवन में संतुलन और सामंजस्य बना रहता है।


मंगल और सूर्य साथ हों तो

मंगल और सूर्य दोनों अग्नि तत्व के ग्रह माने जाते हैं। इनकी युति व्यक्ति को अत्यधिक ऊर्जा, जल्दबाजी या क्रोध की ओर ले जा सकती है। ऐसे में घर में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी नियमित पूजा करना शुभ माना जाता है। प्रतिदिन तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य देने से मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह उपाय परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है।

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सूर्य और शनि की युति

सूर्य और शनि की युति को ज्योतिष में विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि दोनों ग्रह स्वभाव से विपरीत माने जाते हैं। यह स्थिति पिता-पुत्र संबंध, आत्मविश्वास या करियर में बाधा ला सकती है। ऐसे में उगते सूर्य को जल अर्पित करना, नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना करना और अनुशासित जीवन अपनाना लाभकारी हो सकता है। कुछ लोग इस स्थिति में सोने के आभूषण धारण करना भी शुभ मानते हैं, जिससे आत्मबल बढ़ता है।


सूर्य और राहु की युति

सूर्य और राहु की युति को कई बार भ्रम और मानसिक अस्थिरता से जोड़ा जाता है। यह स्थिति व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में योग, ध्यान और प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद लाभकारी माना जाता है। नियमित साधना से मन शांत रहता है और नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।


कमजोर ग्रहों को मजबूत करने के उपाय

कमजोर शनि के लिए

यदि शनि कुंडली में कमजोर हो, तो शनिवार के दिन शनि मंदिर में दर्शन करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और संयमित जीवनशैली अपनाना लाभकारी माना जाता है। काले तिल का दान भी शुभ फल दे सकता है।

शुक्र को बलवान बनाने के लिए

शुक्र को मजबूत करने के लिए गाय को रोटी खिलाना, महिलाओं का सम्मान करना और स्वच्छता का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही प्रतिदिन सूर्य देव को अर्घ्य देने से जीवन में सकारात्मकता और सौभाग्य बढ़ता है।


ग्रहों की युति जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकती है, लेकिन उचित उपाय, आस्था और सकारात्मक सोच के साथ इन प्रभावों को संतुलित किया जा सकता है। नियमित साधना और अनुशासित जीवनशैली ग्रहों के शुभ फल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Written By: Anushri Yadav

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