
सिंगरौली। ग्रामीण आजीविका को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हिंडालको इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की महान एल्युमिनियम इकाई ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत एक सराहनीय पहल की है। बड़ोखर, पोखरा और जोबगढ़ ग्रामों में आयोजित कृषि आधारित आजीविका प्रशिक्षण कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर किसानों को उच्च मूल्य और बाजार उन्मुख फसलों की ओर प्रेरित करना था।
इस प्रशिक्षण का संचालन रीवा के कृषि प्रशिक्षक एवं उद्यमी विपिन तिवारी ने किया। उन्होंने किसानों को रेड बनाना (लाल केला), पपीता, चिया सीड्स, अरंडी तथा बड़े पैमाने पर मशरूम उत्पादन जैसी लाभकारी फसलों की वैज्ञानिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, लागत प्रबंधन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और बेहतर उत्पादन रणनीतियों पर भी व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। किसानों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार सही योजना और बाजार की समझ से कम भूमि में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।
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यह पहल “बीज से बाजार तक” 360 डिग्री मॉडल पर आधारित है। इसके अंतर्गत किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी सहयोग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और तैयार उपज को बाजार से जोड़ने की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित हो रही है, और सकारात्मक परिणाम मिलने पर इसे अन्य ग्रामों में भी विस्तारित किया जाएगा।
महान एल्युमिनियम की यह पहल खेती को लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

