
Mumbai: मुश्किल दौर में भारत के निरंतर ताकतवर बनने के संकल्प को रेखांकित करते हुए यहां मुंबई में ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत मजबूत स्थिति में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ अधिक गहनता से जुड़ रहा है और इसकी जन-केंद्रित नीतियां इसे दुनिया के लिए भरोसेमंद बनाती हैं।
दुनिया में तेजी से बदलती जियोपॉलिटिक्स की ओर इशारा करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया में चीजों का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है। उत्पादन, पैसा और बाजार की ताकत का गलत इस्तेमाल हो रहा है। देशों ने निर्यात पर भी सख्ती कर दी है। भारत अब मजबूत स्थिति में है और दुनिया के देशों से ज्यादा जुड़ रहा है। हाल ही में हुए व्यापार समझौते इसका सबूत हैं।

डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि दुनिया एक मुश्किल और अनिश्चित दौर में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि शायद यह हमारी जिंदगी का सबसे अधिक उथल-पुथल वाला दौर है। पुरानी व्यवस्थाएं बदल रही हैं। इनके विकल्प तैयार करना मुश्किल है और ऐसा प्रतीत होता है कि हम एक अनिश्चितता के लंबे दौर की ओर बढ़ रहे हैं। मंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने का भारत का जवाब है कि वह अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं को और बढ़ाए, ग्रोथ की चुनौतियों का पूरी तरह से सामना करे और शॉर्ट टर्म तथा लॉन्ग टर्म संभावनाओं, दोनों से निपटे।
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कॉन्फ्रेंस के बाद डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन कॉन्फ्रेंस में सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ उन्होंने भी हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि कैसे भारत आज की अनिश्चित दुनिया में अपनी ताकत बढ़ा रहा है, जोखिम कम कर रहा है और अपने व्यापार को फैला रहा है। सरकार की समझदारी भरी, व्यावहारिक और लोगों के हित में नीतियां भारत को दुनिया के लिए एक भरोसेमंद साथी बनाती हैं।
बता दें कि 17-19 फरवरी तक आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में विकसित और विकासशील देशों के कई प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य भू-आर्थिक स्थिति, व्यापार कूटनीति और निवेश पर मंथन करना है।
(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)


