
Epstein Files : एपस्टीन फाइल्स को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तीखा जवाब दिया है। पुरी ने साफ कहा कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में जिस संदर्भ में आया है, वह पूरी तरह सार्वजनिक और पेशेवर था। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा – “थोड़ा सा पढ़-लिख लो।”
एपस्टीन फाइल्स पर क्या बोले हरदीप पुरी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि संसद सत्र के दौरान उनका नाम एपस्टीन फाइल्स से जोड़कर लिया गया, जबकि इससे जुड़े सभी तथ्य पहले से सार्वजनिक हैं। उन्होंने बताया कि 2009 से 2017 तक, जब वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत थे और बाद में मंत्री बने, उस अवधि के करीब 30 लाख ई-मेल सार्वजनिक किए जा चुके हैं।
पुरी के अनुसार, इस पूरे समय में जेफरी एपस्टीन से केवल 3-4 बैठकों का उल्लेख मिलता है और वे सभी पूरी तरह औपचारिक व पेशेवर थीं। इनका उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से कोई संबंध नहीं है।
नवंबर 2014 की बैठक पर दी सफाई
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नवंबर 2014 में वे एक आम नागरिक थे, जब अमेरिका के पश्चिमी तट पर एक बैठक हुई थी। इस दौरान लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन भी मौजूद थे। पुरी ने कहा कि उन्होंने तब भारत की संभावनाओं, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों की चर्चा की थी, जो बाद में 2015 में शुरू हुए। उन्होंने इसे मोदी सरकार के विजन को समझने वाले एक जागरूक नागरिक की सोच बताया।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि उन्हें तथ्यों से अवगत रहना चाहिए।
उन्होंने दो तरह के नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक वे जो राजनीतिक जिम्मेदारी निभाते हुए देश की सेवा करते हैं, जिससे भारत दसवीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। दूसरे वे, जो कभी-कभार देश आते हैं, संसद में भाषण देकर चले जाते हैं।
पुरी ने तंज कसते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा।



