
Chitrakoot News-सनातन धर्म और संस्कृत शिक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानन्द देवतीर्थ महाराज की पहल से चित्रकूट में देश का सबसे आधुनिक संस्कृत गुरुकुलम स्थापित किया जाएगा। इस गुरुकुल के बनने से चित्रकूट को देश-दुनिया में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
यह गुरुकुल लगभग आठ एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा और इसका निर्माण चित्रकूट के मड़फा महादेव क्षेत्र में होगा। यह स्थान पूरी तरह शांत, प्राकृतिक और आरण्यक वातावरण से युक्त रहेगा, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए श्रेष्ठ माहौल मिल सके।
संस्कृत शिक्षा को मिलेगा नया मंच
मड़फा महादेव क्षेत्र में आयोजित श्री शिव महायज्ञ एवं राजराजेश्वरी महाआराधना कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जयपुर स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मृदंग मोहन झा ने बताया कि केंद्र सरकार ने संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय संस्कृत शिक्षा बोर्ड का गठन किया है। यह बोर्ड पूरे देश में संस्कृत शिक्षा के लिए कार्य करेगा, ठीक उसी तरह जैसे सीबीएसई बोर्ड काम करता है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को इस बोर्ड की मान्यता दी गई है, जिससे संस्कृत शिक्षा को एक मजबूत और व्यवस्थित ढांचा मिलेगा।
गुरुकुल की खास बातें
- गुरुकुल पूरी तरह शांत और प्राकृतिक वातावरण में बनेगा
- देशभर के प्रख्यात संस्कृत विद्वानों को शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा
- छात्रों का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा
- चयनित छात्रों को भोजन, वस्त्र, आवास और शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क मिलेगी
- गुरुकुल का उद्देश्य धन कमाना नहीं, बल्कि उत्कृष्ट संस्कृत विद्वान तैयार करना है
शिक्षा को व्यवसाय बनाने वालों पर सवाल
प्रो. मृदंग मोहन झा ने कहा कि आज देश में कई गुरुकुल ऐसे हैं, जिन पर शिक्षा माफियाओं का कब्जा हो गया है। शिक्षा को व्यवसाय बना दिया गया है, जहां छात्रों से फीस तो ली जाती है लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दी जाती। चित्रकूट में बनने वाला यह गुरुकुल ऐसे सभी प्रयासों से अलग होगा और शुद्ध शिक्षा पर केंद्रित रहेगा।



