
Pratapgarh: पड़ोसी जिले रायबरेली के दरियापुर में बने एम्स को बारह वर्ष बाद भी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित न कराए जाने को लेकर सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की सदन में मौजूदगी में सरकार की कड़ी घेराबंदी की। इस अहम मुद्दे पर सदन में सांसद प्रमोद तिवारी के उठाए गए सवाल पर आमजन से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं की आवाज संसद में गूंजी।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान सांसद प्रमोद तिवारी ने यूपी के रायबरेली जिले के दरियापुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को पूरी क्षमता के साथ जनता को समर्पित न कर पाने पर केंद्र को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने राज्यसभा में सरकार से कहा कि पिछले बारह वर्ष पूर्व रायबरेली में एम्स की स्थापना की गई थी। सांसद प्रमोद तिवारी ने सदन में कहा कि यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने आठ अक्टूबर 2013 को एम्स का भूमिपूजन किया था।
उन्होंने सरकार का ध्यानाकर्षण किया कि रायबरेली में एम्स की स्थापना का उद्देश्य प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर एवं रायबरेली सहित उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल तथा मध्यांचल के लगभग चालीस जनपदों के साथ बिहार एवं मध्य प्रदेश के भी कई हिस्सों की बड़ी आबादी को जीवन रक्षक एवं उन्नत चिकित्सा सेवाओं के साथ अत्याधुनिक एवं बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना रहा है। वहीं वरिष्ठ सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार को बताया कि प्रारंभ में एम्स के लिए नौ सौ साठ बेड के बड़े अस्पताल की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने सरकार से कहा कि वर्तमान में यह मात्र छह सौ दस बेड तक ही सीमित है और एम्स रायबरेली में डॉक्टरों, विशेषकर सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की भारी कमी है।
उन्होंने सरकार को यह भी बताया कि स्वीकृत लगभग दो सौ एसआरओ के पदों के विरुद्ध वर्तमान में केवल सैंतीस एसआरओ कार्यरत हैं। अपने सवाल में सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह चिंताजनक है कि अस्पताल में अभी भी चौहत्तर प्रतिशत तक पद रिक्त पड़े हैं। वहीं उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर स्थिति है कि इस संस्थान में प्रोफेसर के कुल तैंतीस पदों के विरुद्ध मौजूदा समय में मात्र सात नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि यही स्थिति एडिशनल प्रोफेसर के स्वीकृत छब्बीस पदों में से केवल पांच पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है।
सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कुल मिलाकर संस्थान में फैकल्टी के दो सौ एक स्वीकृत पदों के विरुद्ध पचासी पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इसके कारण चिकित्सा क्षेत्र के मेधावियों की शैक्षणिक एवं चिकित्सीय सेवाओं की गुणवत्ता एवं निरंतरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सांसद प्रमोद तिवारी ने बतौर उदाहरण सवाल के जरिए सरकार को बताया कि देश के अन्य एम्स संस्थानों में सर्जरी की प्रतीक्षा अवधि लगभग छह महीने होती है, जबकि एम्स रायबरेली में मरीजों को डेढ़ वर्ष तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार न मिल पाने के कारण लखनऊ रेफर करना पड़ रहा है, जो उनके जीवन के लिए जोखिमपूर्ण हालात हैं।
उन्होंने सरकार को यह भी बताया कि संस्थान में कुल सोलह सौ छब्बीस मेडिकल एवं नॉन मेडिकल स्टाफ के स्वीकृत पदों के विपरीत अभी भी चार सौ पचास से अधिक पद रिक्त हैं। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय बजट 2026 में भी एम्स रायबरेली के विस्तार एवं सुविधाओं में सुधार के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है।
उन्होंने संसद में कहा कि प्रतापगढ़ की सीमा पर स्थित यह भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देश के सबसे प्रतिष्ठित एवं साधन सम्पन्न चिकित्सीय संस्थानों की श्रृंखला में है। वहीं उन्होंने अपने वक्तव्य में इस बिंदु पर खासा जोर दिया कि रायबरेली के एम्स के साथ जिन अन्य एम्स की आधारशिला रखी गई थी, वे अपनी पूरी क्षमता के साथ जनता को समर्पित हो चुके हैं। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ गांधी परिवार से ईर्ष्या एवं द्वेष के कारण जनपद रायबरेली में बनने वाला यह एम्स पूरी क्षमता से अभी तक संचालित नहीं हो सका है।
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विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने रायबरेली के एम्स में उपलब्ध पर्याप्त भूमि पर अतिशीघ्र मरीजों के रुकने तथा चिकित्सकों के रात्रि प्रवास समेत सभी आवश्यक भवनों के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि पूरी क्षमता के साथ एम्स रायबरेली अभी तक जनता को समर्पित न करके जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि एक तरफ वह जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ रायबरेली में निर्मित इतने बड़े आयुर्विज्ञान संस्थान को पूरी क्षमता के साथ जनता को समर्पित न करना सीधा विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि सरकार के गैरजिम्मेदाराना रवैये के चलते जनता के जीवन को खतरे में डाला जा रहा है।
मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से दी गई जानकारी में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने सदन में जोर देते हुए कहा है कि करोड़ों जनता को बेहतर और अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता पर एम्स रायबरेली में आवश्यक डॉक्टरों एवं स्टाफ की त्वरित भर्ती, बेड क्षमता विस्तार तथा आवासीय सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
रिपोर्ट — उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाइटेड भारत


