Mahashivratri 2026 :  देशभर के 18 मंदिरों से काशी विश्वनाथ को उपहार

Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि 2026 पर देशभर के 18 प्रमुख मंदिरों से काशी विश्वनाथ को उपहार भेजे गए। मथुरा, जम्मू, तमिलनाडु और मुंबई से मिली सहभागिता ने सनातन एकता का संदेश दिया।

Mahashivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की एक अनूठी पहल के अंतर्गत देशभर के प्रमुख मंदिरों की सहभागिता से सनातन धर्म की अखिल भारतीय एकता का सशक्त संदेश सामने आया है। इस पहल के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से भगवान श्री काशी विश्वनाथ महादेव के लिए श्रद्धा स्वरूप उपहार सामग्री प्रेषित की जा रही है।

इस क्रम में श्री कृष्ण जन्मस्थली, मथुरा से महाशिवरात्रि पर्व हेतु भगवान श्री काशी विश्वनाथ के लिए उपहार सामग्री भेजी गई है। मथुरा से प्राप्त वीडियो, फोटो एवं अन्य सामग्री को मंदिर न्यास द्वारा सार्वजनिक किया गया है। यह पावन उपहार सामग्री देर रात्रि तक काशी धाम पहुंचने की संभावना है, जबकि बुधवार प्रातः विधिवत पूजन एवं सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जम्मू से भी भगवान विश्वनाथ के लिए उपहार सामग्री प्राप्त हो चुकी है। वहीं दक्षिण भारत से भी व्यापक सहभागिता देखने को मिली है। तमिलनाडु के कई प्रतिष्ठित मंदिरों – चिदंबरम मंदिर, मदुरई मीनाक्षी अम्मन मंदिर, द्रौपदी अम्मन मंदिर, थिरुकंडेश्वरम मंदिर, सबनायांगर मंदिर, पेरिया नयागी अम्मन मंदिर, संगारी काली अम्मन मंदिर, वेदा अघोरपुरेश्वर मंदिर एवं कुमारगुरु परमेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों से लिखित प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इसके अलावा श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई से भी भगवान श्री काशी विश्वनाथ महादेव के लिए उपहार प्रेषण का प्रस्ताव आया है। इस प्रकार कुल 18 प्रमुख मंदिरों की ओर से महाशिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम को उपहार अर्पित किए जा रहे हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने देशभर के सभी मंदिर प्रबंधन, पुजारीगण एवं श्रद्धालु समाज के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। न्यास ने यह भी आश्वस्त किया है कि भविष्य में इन मंदिरों के प्रमुख पर्वों पर काशी विश्वनाथ महादेव की ओर से भी श्रद्धा स्वरूप उपहार भेजे जाएंगे।

मंदिर न्यास का मानना है कि इस प्रकार के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नवाचार सनातन संस्कृति की एकता, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।

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