Budget Session 2026 : संसद ठप… सत्ता और विपक्ष के बीच संग्राम, मोदी का टला भाषण – जानिये लोकसभा में क्या हुआ

Budget Session 2026 : नरवणे की किताब को लेकर संसद में हंगामा तेज, राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू आमने-सामने, पीएम मोदी का भाषण टला। भाजपा-कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी।

Budget Session 2026 : संसद के बजट सत्र के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को वही किताब हाथ में लेकर संसद पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री सदन में आते हैं, तो वे यह किताब उन्हें स्वयं सौंपेंगे, ताकि देश को “सच्चाई” पता चल सके।

राहुल गांधी ने मीडिया के सामने किताब का एक पन्ना दिखाते हुए दावा किया कि उसमें प्रधानमंत्री द्वारा तत्कालीन सेना प्रमुख से कहा गया है – “जो उचित समझो, वह करो।” राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार और रक्षा मंत्री किताब के अस्तित्व से इनकार कर रहे हैं, जबकि किताब उनके हाथ में मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री सच्चाई से डर रहे हैं, इसलिए लोकसभा में आने से बच रहे हैं।

इस मुद्दे को लेकर बीते तीन दिनों से लोकसभा में लगातार हंगामा हो रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान जब राहुल गांधी को किताब के अंश पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को तीन बार स्थगित हुई और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद परिसर में राहुल-बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक

संसद परिसर में इस दौरान राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ कह दिया, जिस पर बिट्टू ने पलटवार करते हुए कहा कि वे “देश के दुश्मनों से हाथ नहीं मिलाते।”

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री को ‘गद्दार’ कहना न सिर्फ असभ्य है, बल्कि पूरे सिख समुदाय का अपमान है। उन्होंने कहा कि रवनीत बिट्टू का परिवार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बलिदान दे चुका है।

पीएम मोदी का संबोधन टला, भाजपा का विपक्ष पर आरोप

लगातार हंगामे के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में दिया जाने वाला भाषण भी टल गया। लोकसभा की कार्यवाही स्थगित किए जाने के कारण प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए।

इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए थे और माहौल हिंसक हो सकता था। वहीं एनडीए सहयोगी एलजेपी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने भी विपक्ष पर मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया।

हालांकि कांग्रेस की महिला सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उस समय सदन में मौजूद नहीं थे और विपक्षी सांसदों ने केवल भाजपा सांसद के बयान पर सवाल उठाया था। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई।

नरवणे की किताब को लेकर शुरू हुआ यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में संसद में सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।

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