
New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली की जेलों से जुड़ा एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है, जिसमें कम उम्र के कैदियों की संख्या सबसे अधिक पाई गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की 16 जेलों में बंद कुल 18,969 कैदियों में से 9,434 कैदी 21 से 30 वर्ष की आयु के हैं। यानी लगभग आधे कैदी इसी आयु वर्ग से जुड़े हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 18 से 20 वर्ष की आयु के 1,104 कैदी भी जेलों में बंद हैं। इस तरह कुल मिलाकर 55 प्रतिशत से अधिक कैदी 30 वर्ष से कम उम्र के हैं। आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि हर 10 में से करीब 7 कैदी 50 वर्ष से कम आयु के हैं। वहीं 31 से 50 वर्ष के बीच के 7,222 कैदी जेलों में हैं, जबकि 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के केवल 167 कैदी दर्ज किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में बढ़ते अपराध के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हो सकते हैं। बेरोजगारी, गलत संगति, नशे की लत और सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव जैसे कारक अक्सर चर्चा में रहते हैं। जिस उम्र में युवाओं को उच्च शिक्षा और करियर पर ध्यान देना चाहिए, उसी उम्र में बड़ी संख्या में युवाओं का जेलों में होना चिंता का विषय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि युवाओं को अपराध से दूर रखने के लिए शिक्षा, कौशल विकास और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही सुधारात्मक नीतियों और पुनर्वास योजनाओं पर जोर देकर युवाओं को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
Written By: Kalpana Pandey



